वन-वन्यजीव संरक्षण करने पर मिलेगा जिम कॉर्बेट अवार्ड

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हल्द्वानी, गौरव जोशी। उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वालों को सरकार हर साल जिम कॉर्बेट अवार्ड देकर सम्मानित करेगी। वन मंत्री रामनगर में शुक्रवार को एडवर्ड जेम्स कॉर्बेट की 150वीं जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
नगर पालिका सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री उनियाल ने कहा कि कॉर्बेट शिकारी से प्रकृति प्रेमी बने थे। उन्होंने वनों और वन्यजीवों के लिए काम किया। किताबें लिखकर ब्रिटिश दौर में बाघों के संरक्षण में जुटे। सरकार भी दोस्ताना पॉलिसी बनाकर वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा करने का काम कर रही है। वन पंचायतों के माध्यम से आम लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास चल रहा है। प्रमुख वन संरक्षक डॉ. समीर सिन्हा ने कहा कि जिम कॉर्बेट मानववादी और दूरगामी सोच के व्यक्ति थे। प्रमुख वन सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि लोग प्रकृति से छेड़छाड़ करते दिखते हैं। प्रकृति ने मानव को बहुत कुछ दिया है। विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि जिम कॉर्बेट के नाम पर आज पूरा रामनगर का कारोबार चल रहा है। सभी को कॉर्बेट प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। यहां पार्क निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने जिम कॉर्बेट के इतिहास को बताया। कार्यक्रम में जिम कॉर्बेट के बसाए हुए कालागढ़ी स्थित छोटी हल्द्वानी के लोग भी पहुंचे। इस दौरान निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने गांव के लोगों को वन मंत्री सुबोध उनियाल से मिलवाया। वनमंत्री ने कॉर्बेट के बसाए गांव के लोगों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वन मंत्री ने कहा कि जिम कॉर्बेट की हर वस्तु संग्रहालय में रखकर लोगों को जानकारियां दी जाएंगी। कालाढूंगी कोतवाली में रखी कॉर्बेट की बंदूक को डीएम से वार्ता कर रिन्यूवल किया जाएगा। इसके बाद उसे संग्रहालय में रखा जाएगा।

 

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