तेलअवीव। इजरायल और ईरान के बीच 11वें दिन भी जंग जारी है। सोमवार को इजरायली सेना (आईडीएफ) ने ईरान के छह हवाई अड्डों पर हमला करने का दावा किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी ईरान में स्थित मिसाइल साइटों, सैन्य हवाई अड्डों और भूमिगत अपार्टमेंट के रनवे पर लड़ाकू विमानों ने बमबारी की। आईडीएफ ने दावा किया कि हमले में ईरान के एफ-14, एफ-5 और एएच-1 विमानों समेत 15 लड़ाकू जेट और हेलीकॉप्टर नष्ट हो गए। एक दिन पहले अमेरिका भी इस लडा़ई में शामिल होते हुए ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर बंकर बस्टर बम से हमला किया था।
ईरानी मीडिया ने कहा कि इजरायल के हवाई हमलों ने उत्तरी तेहरान में बिजली आपूर्ति प्रणाली को प्रभावित किया। इजरायली सेना के मुताबिक, यह हमले पश्चिमी, पूर्वी और मध्य ईरान में किए गए। इजरायली सेना ने कहा कि ईरान के करमानशाह प्रांत में स्थित सैन्य ढांचे को निशाना बनाते हुए मिसाइल लॉन्च और भंडारण केंद्रों पर बमबारी की। इस ऑपरेशन में 15 से अधिक लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। आईडीएफ ने इस हमले का वीडियो फुटेज भी जारी किया है। उनके मुताबिक, उनकी सेना द्वारा नष्ट किए गए जेट विमानों का इस्तेमाल उनके विमानों के खिलाफ और ईरानी क्षेत्र पर इजरायल के हमलों को विफल करने के लिए किया गया था। इस बीच, इजरायल ने एक ड्रोन के मार गिराए जाने की सूचना दी।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद इजरायल अपने उद्देश्यों को पूरा करने के बहुत नजदीक है। यह जानकारी द टाइम्स ऑफ इजरायल सोमवार को दी। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल, ईरान के 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम की जानकारी हासिल कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इजरायल के पास इसके ठिकाने के बारे में दिलचस्प जानकारी है, लेकिन उन्होंने विस्तार से नहीं बताया। इस दौरान उन्होंने युद्ध की संभावना से इनकार किया लेकिन यह भी कहा कि सभी लक्ष्य पूरे होने तक अभियान जारी रहेगा। ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के मद्देनजर इजरायल पर मिसाइलें और ड्रोन की बौछार कर दी। इस दौरान तेल अवीव और हाइफा समेत कई शहरों पर बमबारी की। हमले के बाद इजरायल में पहली बार सबसे लंबे समय तक सायरन बजता रहा और लोग कई घंटे तक बंकर में छिपे रहे। अभी तक यह जानकारी नहीं मिल पाई कि ईरान के हमले से इजरायल में कितना नुकसान हुआ है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरानी परमाणु स्थलों पर बड़े पैमाने पर हमलों के मद्देनजर उसकी सेना को अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने की खुली छूट दे दी गई है। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, ईरान ने इस हमले को अपने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 की नई लहर बताया। इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर सईद इरावनी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में कहा कि ईरान ने युद्धोन्मादी अमेरिकी शासन को बार-बार चेतावनी दी थी कि वह इस दलदल में न फंसे। अब उसके हमलों पर जवाबी कार्रवाई का वक्त, तरीका और इसका पैमाना क्या होगा, इसके बारे में फैसला ईरानी सेना करेगी। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की कार्यवाहक राजदूत डोर्थी शी ने यूएनएससी की एक आपात बैठक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी को दोहराते हुए कहा कि अमेरिकियों या अमेरिकी सैन्य अड्डों के खिलाफ ईरान के किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हमले का जवाब सख्ती से दिया जाएगा।
