इजरायल में अस्पताल पर ईरानी हमला

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तेल अवीव। ईरान और इजरायल के बीच हवाई हमले सातवें दिन भी जारी रहे। ईरान ने गुरुवार तड़के दक्षिणी इजरायल के मुख्य अस्पताल पर मिसाइल से हमला किया, जिसमें करीब 70 लोग घायल हो गए। अस्पताल पर हमले की निंदा करते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हम तेहरान में बैठे अत्याचारियों से इसकी पूरी कीमत वसूलेंगे। इससे पहले, इजरायल ने ईरान में मार्कीजी प्रांत के खोंडब स्थित अराक भारी जल (हैवी वाटर) परमाणु रिएक्टर पर हमला किया। हालांकि, हमले के बाद रिसाव का कोई खतरा नहीं है। संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी (आईएईए) ने यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के बरसाए गए सैकड़ों मिसाइलों के बाद इजरायल के तेल अवीव समेत कई शहरों में 240 से अधिक लोग घायल हो गए। बता दें, पिछले शुक्रवार से शुरू संघर्ष में अब तक ईरान में 639 लोग मारे गए हैं और 1300 से अधिक लोग घायल हैं। वहीं ईरान ने करीब 400 मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन दागे हैं, जिससे इजरायल में कम से कम 24 लोग मारे गए और छह सौ से अधिक घायल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को ईरान ने सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे लेकिन अधिकतर को इजराइल की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। इस बीच ईरान मिसाइल ने दक्षिणी शहर बीरशेबा में स्थित सोरोका मेडिकल सेंटर को निशाना बनाया, जो इजराइल के दक्षिण में स्थित मुख्य अस्पताल है। अस्पताल की वेबसाइट के अनुसार, यहां 1,000 से अधिक बिस्तर हैं और यह इजरायल के दक्षिण के लगभग 10 लाख निवासियों को सेवाएं प्रदान करता है। इस हमले में अभी तक 70 लोगों के घायल होने की सूचना है, जिसमें तीन की हालत गंभीर है। वहीं तेल अवीव के आवासीय भवनों पर भी ईरानी मिसाइलें गिरीं। इजरायली सेना ने रातभर ईरानी ठिकानों पर दर्जनों नए हमले किए हैं। इसमें अराक रिएक्टर और नतांज को निशाना बनाया गया। इससे पहले भी नतांज में हमला किया जा चुका है। आईडीएफ ने कहा, प्लूटोनियम उत्पादन के इस्तेमाल को रोकने के लिए अराक रिएक्टर पर हमला किया गया। ईरानी मीडिया ने बताया कि रिएक्टर को पहले ही खाली करा लिया गया था। बता दें, अराक रिएक्टर तेहरान से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है। परमाणु रिएक्टर को ठंडा करने के लिए भारी जल रिएक्टर का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यहां प्लूटोनियम भी बनाया जाता है, ताकि परमाणु हथियारों में उपयोग किया जा सके। इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज़ ने कहा कि ईरान के नए मिसाइल हमलों के बाद उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का वजूद अब नहीं रहेगा। रक्षा मंत्री ने कहा, खामेनेई जैसा तानाशाह, जो ईरान जैसे देश का मुखिया है और जिसने इजरायल के विनाश को अपना मिशन बना लिया है, अब उसका वजूद और नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, इजराइली रक्षा बलों (आईडीएफ) को निर्देश दिए गए हैं और वे जानते हैं कि अपने सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, इस आदमी को बिल्कुल भी अस्तित्व में नहीं रहना चाहिए।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वह अपने यूरोपीय समकक्षों के साथ बैठक के लिए शुक्रवार को जिनेवा जाएंगे, जिससे संकेत मिलता है कि कोई नई कूटनीतिक पहल आकार ले सकती है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि बैठक में ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्री और यूरोपीय संघ के शीर्ष राजनयिक शामिल होंगे।

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