दुबई। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति को भी चेतावनी दी है। छह दिन से जारी संघर्ष के बीच बुधवार को खामेनेई ने कहा कि ईरान संघर्ष करेगा समर्पण नहीं करेगा। साथ ही कहा कि ईरान को निशाना बनाकर किए जा रहे इजरायली हमलों में अगर अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप करता है तो गंभीर परिणाम होंगे। सर्वोच्च नेता ने कहा कि बुद्धिमान लोग ईरान और उसके इतिहास को जानते हैं। ऐसे व्यक्ति ईरान से कभी भी धमकी भरी भाषा में बात नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, तेहरान थोपे गए युद्ध के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा।
ईरानी सर्वोच्च नेता की यह टिप्पणी एक दिन पहले ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट में बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग करने के बाद आई है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जानता है कि वह कहां है, लेकिन उसे मारने की कोई योजना नहीं है। बयान के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता ने इजरायल के हमले को बड़ी गलती बताते हुए धमकी दी कि उसे इसकी सजा मिलेगी। बता दें, ईरान और इजरायल के बीच छह दिन से जारी संघर्ष में ईरान में करीब 600 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1300 से अधिक लोग घायल हैं। बुधवार को भी इजरायल ने तेहरान पर 50 लड़ाकू विमानों से बमबारी की, जबकि ईरान का दावा है कि उसने पहली बार फतेह-1 हाइपरसोनिक मिसाइल से हमला किया। इससे पहले सर्वोच्च नेता ने एक्स पर पोस्ट में कहा था कि उनका देश इजरायल के शासकों के खिलाफ कोई दया नहीं दिखाएगा। उन्होंने कहा था कि यह जंग की शुरुआत है और इजरायली शासन को कड़ा जवाब देने में पीछे नहीं हटेंगे। यह पोस्ट खामेनेई ने बुधवार को ट्रंप के बयान के बाद किया था। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी चेतावनी दी कि उनके देश को निशाना बनाकर किए जा रहे इजरायली हमलों में अमेरिकी हस्तक्षेप से पूर्ण युद्ध छिड़ जाएगा। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने एक साक्षात्कार के दौरान ये टिप्पणियां कीं। बाघई ने कहा, इजरायल के हमलों के बाद हम जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। ऐसे में अगर अमेरिका का किसी भी तरह से संघर्ष में सहयोग या हस्तक्षेप होता है तो इस क्षेत्र में पूर्ण युद्ध जैसे हालात हो जाएंगे। मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान ने व्हाइट हाउस में वार्ता आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, इस दौरान यह भी कहा कि बातचीत के लिए बहुत देर हो चुकी है, क्योंकि अब और एक हफ्ते पहले के बीच बहुत अंतर है। प्रेसवार्ता में जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान या उसके परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करने की योजना बना रहा है, तो इसके जवाब में कहा कि कोई नहीं जानता कि मैं क्या करने वाला हूं। उन्होंने कहा, देश में बहुत सारे मुद्दे हैं। अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने दावा किया कि तेहरान में हमले के दौरान लड़ाकू विमानों ने आंतरिक सुरक्षा एजेंसी के मुख्यालय को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इजरायली सेना (आईडीएफ) ने कहा कि तेहरान में सैन्य ठिकानों पर हमले जारी है। वहीं ईरानी समाचार एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के उत्तर और पूर्व में विस्फोटों की आवाजें सुनी गई। आईडीएफ के दावे पर ईरानी सरकार ने कोई बयान जारी नहीं किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के दौरान कहा कि अगले 24 से 48 घंटे निर्णायक सिद्ध होंगे। उनके मुताबिक, यह निर्धारित करेंगे कि ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष का कूटनीतिक समाधान संभव है या फिर राष्ट्रपति सैन्य कार्रवाई का सहारा लेंगे। इसी दौरान स्थानीय मीडिया ने अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा कि अगर ईरान यूरेनियम संवर्धन को छोड़ देता है, तो ईरानी अधिकारियों और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और संभावित रूप से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच इस सप्ताह एक बैठक हो सकती है।ईरान की संसद मजलिस के सदस्य महमूद नबावियन ने अमेरिका को चेतावनी दी। ईरानी टीवी में दिए बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ आक्रामकता के बारे में सोचने से पहले अमेरिका को अपने सैनिकों के लिए 50 हजार ताबूत तैयार करना चाहिए। नबावियन ने कहा, ईरानी मिसाइलें 2 से 4 मिनट के भीतर क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों तक पहुंच सकती है, जिसे उन्हें रोकना असंभव होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बेस कैंपों पर हमला करना ईरान की क्षमता के भीतर है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने चीफ ऑफ स्टाफ की हत्या के लिए इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा, चाहे युद्ध के दौरान या बाद में।
