भारत को गाजा पीस ऑफ बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण

अंतरराष्ट्रीय

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को भारत के पास गाजा पीस ऑफ बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा। हालांकि अभी तक नई दिल्ली की इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह बोर्ड गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बनाया जाना है। विश्व में भारत की साख, संतुलित विदेश नीति और शांति प्रयासों में भूमिका को देखते हुए उसको ये न्योता भेजा गया है। विश्वसनीय सूत्रों ने इस निमंत्रण को भेजे जाने की पुष्टि की। ट्रंप ने इस शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए 60 देशों को निमंत्रण भेजा है, लेकिन अब तक बिना शर्त केवल हंगरी ने इसे स्वीकारा है। संयुक्त राष्ट्र को लेकर चिंताओं के बीच विश्व नेता इस मामले में विशेष सावधानी बरत रहे हैं। पाक ने भी पुष्टि की है कि उसे ट्रंप की ओर से शांति बोर्ड में शामिल होने का न्योता मिला है। अन्य देशों की सरकारें इस मामले में सार्वजनिक बयान देने में हिचकिचा रही हैं। जो पीस ऑफ बोर्ड ट्रंप बनाना चाहते हैं, उसके मसौदे के अनुसार, इसकी अध्यक्षता जीवनभर वह खुद करेंगे। गाजा संघर्ष को निपटाने के बाद फिर अन्य संघर्षों को समाप्त करने के लिए इसका विस्तार किया जाएगा। सदस्य देशों का कार्यकाल तीन साल तक सीमित होगा। स्थायी सदस्यता के लिए एक अरब डॉलर का भुगतान करना जरूरी होगा। यरुशलम। इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस द्वारा गठित गाजा सलाहकार पैनल की संरचना पर आपत्ति जताने के बाद रविवार को अपने सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगियों की एक बैठक बुलाई। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा, गाजा कार्यकारी बोर्ड की संरचना के संबंध में जो घोषणा की गई है वह शांति बोर्ड के अधीन है। ये इजरायल की नीति के विपरीत है। प्रधान मंत्री ने विदेश मंत्री को इस मामले पर अमेरिकी विदेश मंत्री से संपर्क करने का निर्देश दिया है।

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