बेतालघाट के गांव की वोटर लिस्ट में कहां से आया बाहरी लोगों का नाम

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हल्द्वानी, गौरव जोशी। हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक की बुधलाकोट ग्रामसभा में बाहरी लोगों का नाम पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में शामिल करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए राज्य चुनाव आयोग से पूछा है कि किस आधार पर बाहरी लोगों को मतदाता सूची में शामिल किया है। कोर्ट ने आयोग को मय रिकॉर्ड के साथ 17 जुलाई तक जवाब पेश करने को कहा है। मामले के अनुसार, बुधलाकोट निवासी आकाश बोरा ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उनके गांव की मतदाता सूची में 82 वोटर ऐसे हैं, जो बाहरी क्षेत्र के हैं। इनमें अधिकतर लोग ओडिशा समेत अन्य जगहों के हैं। जब इसकी शिकायत एसडीएम से की, तो उन्होंने एक जांच कमेटी गठित की। जांच कमेटी ने वोटर लिस्ट का अवलोकन कर पाया कि इनमें से 18 लोग बाहर के हैं। लेकिन, अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भी चिह्नित 18 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाए गए। जनहित याचिका दायर करने के बाद उनके ओर से ऐसे ही 30 अन्य लोगों की लिस्ट भी कोर्ट में पेश की गई। सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से कहा गया कि कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है। मतदाता सूची बनाते समय बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं को चिह्नित किया। उसी के आधार पर वोटर लिस्ट बनाई गई। लेकिन कोर्ट ने आयोग से पूछा कि जब वोटर लिस्ट बनाई गई, क्या वोटरों का उस वक्त आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड या स्थायी निवास आदि दस्तावेजों की जांच की गई? यदि जांच की है तो उसका रिकॉर्ड प्रस्तुत करें। कोर्ट ने ये भी सवाल किया कि क्या मौखिक तौर पर नाम बताने के आधार पर ही बाहरी लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल कर दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

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