हरिद्वार : मनसा देवी मंदिर के पैदल मार्ग पर भगदड़, छह लोगों की गई जान

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हरिद्वार। हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर के पैदल मार्ग पर भगदड़ मचने से छह लोगों की जान चली गई। जबकि 28 लोग घायल हो गए। रविवार सुबह हुई घटना की जांच में बिजली का तार टूटने से करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मचने की बात सामने आ रही है। मृतकों में चार यूपी, एक बिहार और एक उत्तराखंड का निवासी है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए कहा कि हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर भगदड़ के कारण हुई जनहानि से अत्यंत दुःखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दुख की इस घड़ी में उत्तराखंड सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
रविवार सुबह से ही मां मनसा देवी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा था। मंदिर के गेट से दूर तक भक्तों की भारी भीड़ थी। इस बीच करीब साढ़े आठ बजे एकाएक बिजली का तार टूटने और उससे करंट फैलने की अफवाह फैल गई। इससे मंदिर से लगभग 100 मीटर दूर सीढ़ियों वाले रास्ते पर अफरातफरी मच गई। करंट की चपेट में आने की आशंका से घबराए लोग, एक-दूसरे को रौंदकर भागने लगे। माहौल चीख-पुकार से गूंज उठा। इस भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई जबकि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं समेत 28 श्रद्धालु घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वालों में चार युवक, एक महिला और एक बच्चा शामिल हैं।

Haridwar: Stampede on the pedestrian path to Mansa Devi Temple, six people killed

घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने के प्रयास शुरू कर दिए। पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल, हरिद्वार पहुंचाया। इनमें से पांच घायलों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया गया। पुलिस की प्राथमिक जांच में अफवाह के चलते भगदड़ की बात सामने आई। अब प्रशासनिक स्तर पर यह पता किया जा रहा है के अफवाह किसने और कैसे फैलाई। उधर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि घायलों को चिकित्सकीय सहायता के साथ ही हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार सुबह 8.32 बजे बिजली का तार टूटने से करंट लगने की अफवाह उड़ी। इसके बाद करीब 13 मिनट तक मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ का माहौल बना रहा। 8.45 बजे भगदड़ कुछ कम हुई और पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हताहतों को लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया। मृतकों में आरुष पुत्र पंकज उर्फ प्रवेश, उम्र 12 वर्ष, निवासी सौदा, विक्की पुत्र रिक्का राम सैनी, उम्र 18 वर्ष, निवासी विलासपुर, कैमरी रोड, नगलिया कला मजरा, रामपुर, यूपी, विपिन पुत्र रघुवीर सिंह सैनी, उम्र 18 वर्ष, निवासी वसुवाखेरी, काशीपुर, उत्तराखंड, वकील पुत्र भरत सिंह निवासी मौहतलवाद, बाराबंकी, यूपी, बरेली यूपी, शकल देव पुत्र बेचान, उम्र 18 वर्ष, निवासी अररिया, बिहार, शान्ति पत्नी रामभरोसे निवासी बदायूं, उत्तर प्रदेश शामिल है।

 

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