अलकायदा के चार आतंकियों को गुजरात एटीएस ने दबोचा

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नई दिल्ली, देव कुमार। प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) के टेरर मॉड्यूल का गुजरात के आतंक निरोधक दस्ते (एटीएस) ने भंडाफोड़ किया है। एटीएस ने प्रतिबंधित संगठन के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गुजरात एटीएस के अनुसार ये चारों सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी और भड़काऊ वीडियो सामग्री के जरिए जिहादी प्रोपेगेंडा फैलाने में जुटे थे।
गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि ये सभी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। सोशल मीडिया के सहारे जिहादी प्रोपेगेंडा और शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश में जुटे थे। पकड़े गए आतंकियों की पहचान दिल्ली के मो. फईक, अहमदाबाद के मो. फरदीन, अरावली के मोदासा के सैफुल्ला कुरैशी और उत्तर प्रदेश के नोएडा के जीशान अली के रूप में हुई है। सभी आतंकियों के एक्यूआईएस से संबंध और उनकी गतिविधियों को लेकर निरंतर निगरानी की जा रही थी। एक्यूआईएस का सीधा संबंध अलकायदा से है। खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों को पकड़ने का अभियान चलाया गया। सभी से पूछताछ जारी है। चारों के खिलाफ यूएपीए और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आधिकारिक बयान में एटीएस ने कहा है कि इनका उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को तोड़कर कर भारत में हथियारों के दम पर इस्लामिक कानून शरिया लागू करना था। सोशल मीडिया के जरिए ये अपनी विचारधारा को फैलाने के साथ मुस्लिम युवाओं को भारत के लोगों के खिलाफ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए उकसाने का काम कर रहे थे एटीएस को सूचना मिली की कुछ इंस्टाग्राम खाताधारक अलकायदा के विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने में जुटे हैं। इसी के बाद एटीएस ने पांच इंस्टाग्राम खातों की निगरानी शुरू की और मौका लगते ही चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। ये चारों आरोपी सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे के संपर्क में आए थे। दिल्ली का रहने वाला फरीक पाकिस्तानी इंस्टाग्राम खाताधारक के संपर्क में था और उसी से वो भारत में जिहाद फैलाने का तौर तरीका सीख रहा था। अहमदाबाद स्थित फतेहवादी इलाके में स्थित फरदीन के घर से छापेमारी में एटीएस को तलवार और अलकायदा की विचारधारा वाला साहित्य मिला है। साहित्य में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ जिहाद को बढ़ावा देने का जिक्र है। चारों का उद्देश्य युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करना था और उनके जरिए अपनी साजिश को अंजाम देना था। आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर असीम उमर का वीडियो भी साझा किया है जो एक्यूआईएस से जुड़ा और 2019 में अफगानिस्तान में मारा गया था।

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