बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग में चार बदमाश गिरफ्तार

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बरेली, टीएलआई। बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर फायरिंग में शामिल दो शूटर्स को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार को दिल्ली में गिरफ्तार किया है।
दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनके दो अन्य साथियों को बरेली एसओजी ने मुठभेड़ के दौरान बरेली में गिरफ्तार किया। इनमें से एक के पैर में गोली लगी है। इस प्रकरण से संबंधित दो शूटर बुधवार रात को गाजियाबाद में मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। दिल्ली पुलिस में स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि दिशा पाटनी के बरेली में चौपुला, सिविल लाइंस स्थित आवास पर 11 सितंबर की सुबह 4:35 बजे और 12 सितंबर को तड़के 3:33 बजे फायरिंग हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा ने लेते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। 12 सितंबर को एफआईआर दर्ज होने के बाद हरियाणा, बरेली और दिल्ली पुलिस की टीमें गिरफ्तारी में जुटी थीं। इसी बीच 12 सितंबर की फायरिंग में शामिल शूटर रविंद्र और अरुण को बुधवार शाम नोएडा एसटीएफ, दिल्ली पुलिस और बरेली एसओजी ने ट्रॉनिका सिटी में मार गिराया। 11 सितंबर की फायरिंग में बागपत के लोहद्दा निवासी नकुल और वाजिदपुर के विजय तोमर का नाम भी सामने आया था। शुक्रवार को सूचना मिली कि दोनों दिल्ली में घुसे हैं और एक पेट्रोल पम्प से बाइक में पेट्रोल भराया है। इस जानकारी के आधार पर टीम इनके पीछे लगी और दोनों को दबोच लिया। बरेली पुलिस को जांच के दौरान वारदात के लिए रेकी करने वाले एक अन्य बदमाश के बारे में जानकारी मिली, जिसका नाम रामनिवास उर्फ दीपक उर्फ दीपू है। वह राजस्थान में बियावर जिले के जैतारण थाना का रहने वाला है। शुक्रवार सुबह एसएसपी अनुराग आर्य ने इस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसी बीच शाम करीब 4:55 बजे सूचना मिली कि रामनिवास अपने एक अन्य साथी के साथ नेपाल भागने की फिराक में आया है। बरेली एसओजी ने शाही थाना क्षेत्र में बिहारीपुर गांव के पास दोनों को घेर लिया। यहां हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने रामनिवास और उसके साथी सोनीपत के थाना बड़ी के राजपुर गांव निवासी अनिल को दबोच लिया। पैर में गोली लगने के चलते रामनिवास को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वे फेसबुक के माध्यम से गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के सम्पर्क में आए थे। गोल्डी और रोहित ने इनका ब्रेनवाश कर इन्हें फायरिंग के लिए तैयार किया। इन्हें अपने पास कनाडा बुलाने का झांसा भी दिया था। जब दोनों फायरिंग के लिए तैयार हो गये तो गिरोह की तरफ से हथियार और जरूरी सामान मुहैया कराया गया। लेकिन पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से दोनों बदमाश बदहवास हो गये थे और गोल्डी-रोहित गोदारा से संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। फिलहाल दोनों ने पुलिस को खुद की उम्र 17 साल बताई है इसलिए पुलिस उम्र का सत्यापन कर रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों बदमाश बागपत के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों से सहायता मुहैया कराने वाले लोगों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।

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