महिला महाविद्यालय में आरबीआई ग्राहक जागरूकता अभियान के अंतर्गत वित्तीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
आज दिनांक 20 जुलाई 2025को
महिला महाविद्यालय हल्द्वानी की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा चेष्टा संस्था के तत्वावधान में जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तीय जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. आभा शर्मा ने की।
प्राचार्य प्रो. आभा शर्मा ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा आज के समय में वित्तीय साक्षरता हर नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि विद्यार्थी जीवन से ही सही निवेश और सुरक्षित लेन-देन की समझ विकसित हो जाए, तो वे भविष्य में न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे बल्कि दूसरों को भी वित्तीय रूप से जागरूक कर पाएंगे। एनएसएस प्रभारी डॉ. रितुराज पंत ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा भारतीय रिजर्व बैंक जमाकर्ताओं के अधिकारों और वित्तीय सुरक्षा की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक बनाना और उन्हें सुरक्षित बैंकिंग के महत्व को समझाना है।
आरबीआई के क्षेत्रीय सलाहकार बी.डी. नैनवाल ने वर्तमान वित्तीय परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा डिजिटल युग ने बैंकिंग को सरल और सुलभ बनाया है, लेकिन इसके साथ-साथ साइबर अपराध और धोखाधड़ी की घटनाएँ भी बढ़ी हैं। अतः सतर्क रहना और जागरूक होकर लेन-देन करना ही सबसे बड़ा बचाव है। वरिष्ठ प्रशिक्षक दीपिका (आरबीआई) ने छात्राओं को निवेश विकल्पों से अवगत कराते हुए कहा आज अनेक सुरक्षित निवेश साधन उपलब्ध हैं।
सही जानकारी और सही समय पर किया गया निवेश जीवन को स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता है। विद्यार्थी वर्ग को वित्तीय योजना बनाकर भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी करनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन कर रही डॉ. गीता पंत ने कहा इस तरह की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वित्तीय अनुशासन जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। इस अवसर पर उपस्थित समन्वयक मुकुल कुमार ने कहा युवाओं को वित्तीय ज्ञान प्रदान करना ही देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। डॉ. रेखा जोशी ने कहा महिला शिक्षा और वित्तीय साक्षरता का मेल समाज में वास्तविक परिवर्तन लाता है।
