नई दिल्ली। महाराष्ट्र और हरियाणा के बाद कर्नाटक में चुनाव आयोग की कथित धोखाधड़ी को लेकर कांग्रेस के तेवर सख्त होते जा रहे हैं। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को दावा किया है कि उनके पास कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव आयोग की धोखाधड़ी करने देने के सौ फीसदी सबूत हैं। बेहद सख्त लहजे में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अगर सोचता है कि वह बच जाएगा, तो वह गलतफहमी में हैं। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के रिवीजन के नाम पर कर्नाटक में हजारों बोगस वोटरों के नाम जोड़े गए। उन्होंने सौ फीसदी सबूत का दावा करते हुए कहा कि एक ही निर्वाचन क्षेत्र में 50, 60 और 65 वर्ष के हजारों हजार नए वोटर सूची में जोड़े गए। वहीं, 18 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं को बड़ी संख्या में सूची से हटाया गया। हालांकि, उन्होंने इस निर्वाचन क्षेत्र के नाम का खुलासा नहीं किया है। राहुल गांधी ने कहा कि हमें अभी एक सीट की जांच में गड़बड़ी मिली है। इस तरह की गड़बड़ी हर सीट पर की गई है। चुनाव आयोग का सीधा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग को लगता है कि वह इससे बच निकलेगा। चुनाव आयोग के अधिकारी समझते हैं कि वह बच जाएगें, तो यह आयोग और अधिकारियों की गलतफहमी है। हम उन्हें बचने नहीं देंगे। वहीं चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के दावे पर कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता ने न केवल बेबुनियाद आरोप लगाए, बल्कि एक संवैधानिक संस्था को धमकाने का भी प्रयास किया। चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ऐसे निराधार और धमकी भरे आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं, और वह भी अभी? आयोग ने कहा कि जहां तक कर्नाटक चुनावों का सवाल है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 80 के अनुसार चुनाव याचिका दायर करने, या यदि दायर की गई है तो उच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार करने के बजाय, उन्होंने न केवल निराधार आरोप लगाए, बल्कि आयोग को धमकी देने का विकल्प भी चुना है। चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक 2024 के लोकसभा चुनावों की कर्नाटक मतदाता सूची का सवाल है, किसी भी जिला मजिस्ट्रेट या राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास एक भी अपील दायर नहीं की गई। यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 24 के तहत कांग्रेस के लिए उपलब्ध एक वैध कानूनी उपाय है। उन्होंने बताया कि जहां तक 2024 के लोकसभा चुनावों का सवाल है, 10 चुनाव याचिकाओं में से किसी भी हारने वाले कांग्रेस उम्मीदवार द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 80 के तहत पार्टी के लिए उपलब्ध कानूनी उपाय के रूप में एक भी याचिका दायर नहीं की गई।
