नेपाल में तनाव के बीच अंतरिम सरकार बनाने की कवायद

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काठमांडू।नेपाल में जेन जी आंदोलन के बाद तनाव के बीच गुरुवार को अंतरिम सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई। सेना मुख्यालय में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल के साथ जेन जी प्रतिनिधियों ने अंतरिम सरकार के चयन को लेकर बैठक की।
बैठक से इतर जेन जी समूह के प्रतिनिधि दिवाकर दंगल, अमित बनिया और जुनल दंगल ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान ज्यादातर प्रतिनिधि जस्टिस कार्की के समर्थन में दिखे, जबकि कुछ नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कुलमन घीसिंग के पक्ष में थे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में और जे जी प्रतिनिधियों के बीच किसी भी नाम को लेकर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। उधर, काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह बालेन ने जस्टिस कार्की का समर्थन किया। जेन जी समूह ने कहा कि हमारा मकसद संविधान बदलना नहीं है, हम लोगों की इच्छा अनुरूप इसमें कुछ बड़े संशोधन चाहते हैं। हम चाहते हैं कि संसद को भंग किया जाए। इन नेताओं ने बातचीत और सहयोग के माध्यम से समाधान खोजने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पुराने राजनीतिक दलों को चेताया कि वे अपने निजी स्वार्थों के लिए उनका इस्तेमाल न करें। यह पूरी तरह से नागरिक आंदोलन है, इन प्रतिनिधियों ने कहा कि हमारा देश का नेतृत्व संभालने का कोई इरादा नहीं है, बल्कि वे सिर्फ एक प्रहरी बनना चाहते हैं। दंगल ने कहा कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ यह आंदोलन कर रहे हैं, क्योंकि यह बड़े पैमाने पर व्याप्त है। जनरेशन जी के एक अन्य नेता, जुनल गदल ने कहा, हमने शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया था, लेकिन राजनीतिक दलों और घुसपैठियों ने इसमें शामिल होकर हिंसा की। राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने आगजनी की और फिर बुनियादी ढांचे में तोड़फोड़ की। अनिल बनिया ने कहा कि हम छह महीने के भीतर चुनाव लड़ेंगे। युवा विद्रोह का एक और चेहरा, ओजस्वी राज थापा ने आंदोलन के भीतर की चुनौतियों पर बात की और राजनीतिक तत्वों द्वारा विभाजन पैदा करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी। आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री नारा लोकेश ने गुरुवार को कहा कि 144 तेलुगु लोगों को काठमांडू से विशेष विमान के जरिए विशाखापत्तनम और तिरुपति सुरक्षित रूप से पहुंचाया गया। आंध्र प्रदेश सरकार के अनुसार, काठमांडू हवाई अड्डे पर 150 से अधिक तेलुगु लोगों को विमान में सवार होने की मंजूरी मिली जबकि सिमीकोट से 12 लोगों का एक समूह नेपालगंज के रास्ते सुरक्षित रूप से भारत पहुंचा। काठमांडू में 154 बोर्डिंग पास जारी किए गए हैं, जिनमें पोखरा से लाए गए 10 यात्री भी शामिल हैं। इस बीच आंध्रप्रदेश के 22, कर्नाटक के 16, पश्चिम बंगाल के तीन पर्यटकों समेत 500 से अधिक भारतीय रक्सौल सीमा से स्वदेश लौटे। काठमांडू में एक जेल के भीतर कैदियों-सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प को छोड़कर पूरे देश में शांति रही। सेना ने उपद्रव वाले क्षेत्रों, राजधानी काठमांडू समेत पूरे देश में गश्त की। हिंसाग्रस्त नेपाल में स्थिति गुरुवार को धीरे-धीरे सामान्य होती दिखी। नेपाल में अंतरिम पीएम के नाम को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। गुरुवार को इसे लेकर जेन जी समूह दो गुटों में बंट गया। इसके बाद सेना मुख्यालय के बाहर दोनों गुटों में हाथापाई हो गई। इसमें कई युवक घायल हो गए। एक गुट ने अंतरिम पीएम के लिए सुशीला कार्की के नाम को खारिज कर दिया है। गुट मांग कर रहा है कि काठमांडू मेयर बालेन शाह पीएम बने। अगर वह सहमत नहीं होते तो धरान मेयर हरका सम्पांग का नाम आगे बढ़ाया जाए।

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