नई दिल्ली, नीलू सिंह। दिल्ली आतंकी हमले की जांच में एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। फरीदाबाद की अल- फलाह यूनिवर्सिटी पर छापेमारी के दौरान ईडी ने मंगलवार को अल- फलाह समूह के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दिकी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया की ईडी ने यूनिवर्सिटी के ओखला स्थित कार्यालय के साथ दिल्ली- एनसीआर में 19 ठिकानों पर सुबह पांच बजे छापेमारी शुरू की जो देर शाम तक चली। इसके बाद ईडी ने सिद्दिकी को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में पेश किया। सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान ईडी ने कई दस्तावेज जब्त किए हैं। एजेंसी ने जिन ठिकानों पर छापा मारा वो यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी, परिवार से जुड़े सदस्यों और अन्य लोगों से संबंधित हैं। छापेमारी के दौरान ईडी ने 48 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनके आधार पर जिम्मेदारों से पूछताछ की जाएगी। मालूम हो दिल्ली धमाके और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल में अबतक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें कई डॉक्टर हैं। यूनिवर्सिटी के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान ईडी ने वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी एकत्र की। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े लोगों द्वारा किए गए लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई गई। सूत्रों का कहना है कि वित्तीय अनियमितता के मामले में ये कार्रवाई हुई है। एजेंसी मामले में धन शोधन और शेल कंपनियों के आधार पर जांच कर रही है जिससे पुरानी कड़ियों को जोड़ा जा सके। ईडी ने बताया कि अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट की गठन आठ सितंबर 1995 को हुआ और जवाद अहमद इसके पहले ट्रस्टी बने। एजेंसी का आरोप है कि ट्रस्ट में शामिल परिवार के सदस्यों के नाम पर करोड़ों रुपये का हेरफेर किया गया है। ईडी ने बताया कि सभी बिंदुओं के आधार पर जांच की जा रही है। ईडी की टीम यूनिवर्सिटी से जुड़ी नौ शेल कंपनियों की जांच में जुटी है जो एक ही पते पर पंजीकृत हैं। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों में यूनिवर्सिटी के मुख्य अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। ईडी अधिकारी हर छोटे लेदने के डाटा का विश्लेषण कर रहे जिससे पता चले कि पैसा कहां से कहां गया और कहां से आया। इसके अलावा जिन्हें पैसा दिया गया वो कौन लोग हैं। हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने मंगलवार को फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी का दौरा किया। यहां उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच में किसी स्तर की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने फरीदाबाद के आयुक्त और उपायुक्त के साथ बैठक करते हुए कहा कि जो फैकल्टी घटना के बाद से लापता है उन्हें जल्द पकड़ा जाए। उन्होंने छात्रों से कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है।
