सेंचुरियन। दक्षिण अफ्रीका के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक ने अपने 100वें टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को यादगार बनाते हुए शानदार शतक जड़ा और अपनी टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज में अजेय बढ़त दिला दी। दूसरे टी-20 मैच में दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को सात विकेट से हराकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।
डिकॉक का यह शतक उनके टी-20 करियर का दूसरा शतक रहा, लेकिन खास बात यह रही कि यह पारी उन्होंने अपने सौवें टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में खेली। इस उपलब्धि के साथ डिकॉक एक ही वेन्यू पर दो टी-20 शतक लगाने वाले दक्षिण अफ्रीका के पहले खिलाड़ी बन गए, जबकि कुल मिलाकर वह ऐसा करने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। उनकी इस पारी ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया और मैच का रुख पूरी तरह दक्षिण अफ्रीका की ओर मोड़ दिया।
इससे पहले वेस्टइंडीज ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट के नुकसान पर 221 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की शुरुआत संभली हुई रही, लेकिन दूसरे विकेट के लिए शिमरोन हेटमायर और ब्रेंडन किंग के बीच हुई 126 रन की साझेदारी ने पारी को मजबूती दी। हेटमायर ने 77 रन की प्रभावशाली पारी खेली, जबकि किंग 49 रन बनाकर आउट हुए। अंतिम ओवरों में शेरफेन रदरफोर्ड ने आक्रामक अंदाज दिखाते हुए मात्र 24 गेंदों पर नाबाद 57 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 220 के पार पहुंचाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत हालांकि ज्यादा ठोस नहीं रही और कप्तान एडन मार्करम सिर्फ 15 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद क्विंटन डिकॉक और रेयान रिकेल्टन ने पारी को संभालते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 162 रन की विशाल साझेदारी हुई, जिसने मैच को एकतरफा बना दिया। डिकॉक ने 49 गेंदों में 115 रन की विस्फोटक पारी खेली, जो उनके टी-20 करियर की सबसे बड़ी पारी रही। इस दौरान उन्होंने छह चौके और 10 गगनचुंबी छक्के लगाए। दिलचस्प बात यह रही कि डिकॉक ने यह पारी युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस से उधार लिए गए बल्ले से खेली। दूसरी ओर, रेयान रिकेल्टन ने भी 77 रन की अहम पारी खेलकर टीम की जीत में बड़ा योगदान दिया। दक्षिण अफ्रीका ने 17.3 ओवर में ही तीन विकेट खोकर 225 रन बनाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही मेजबान टीम ने सीरीज अपने नाम कर ली और तीसरे मैच से पहले ही निर्णायक बढ़त बना ली। डिकॉक की इस ऐतिहासिक पारी को लंबे समय तक याद किया जाएगा, जिसने न सिर्फ रिकॉर्ड बनाए बल्कि दक्षिण अफ्रीका की जीत की नींव भी रखी।
