कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की चुप्पी से नाराज़ परिषद

उत्तरप्रदेश लाइव राज्य समाचार वाराणसी

वाराणसी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की है। परिषद का यह चरण 16 अक्टूबर से आरंभ होगा। इस दिन पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कर्मचारी धरना-प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों के माध्यम से भेजेंगे।
संयुक्त परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष निरंजन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को हुई जूम मीटिंग में आंदोलन की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (कार्मिक), उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। परिषद ने बार-बार पत्र भेजे, लेकिन मांगों पर न तो बातचीत हुई और न ही समाधान निकला।
परिषद का आरोप है कि चकबंदी अधिकारी, फाइलेरिया निरीक्षक, ईसीजी टेक्नीशियन, विपणन निरीक्षक जैसे कई संवर्गों की वेतन विसंगतियाँ अब तक दूर नहीं की गई हैं। पदोन्नति प्रक्रियाएँ रुकी हुई हैं और संविदा कर्मियों का शोषण लगातार बढ़ता जा रहा है। साथ ही, समाज कल्याण एवं जनजाति विकास विभाग में दस शिक्षकों को बिना कारण सेवा से हटा दिया गया है, जो गंभीर अन्याय है। परिषद ने यह भी कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी नई नीति लागू करने में शासन अनावश्यक विलंब कर रहा है।
निरंजन कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि 16 अक्टूबर का धरना प्रदर्शन शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रतीकात्मक होगा, लेकिन यदि सरकार ने सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया तो परिषद आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। आंदोलन का तीसरा चरण 8 नवम्बर से शुरू होगा, जिसमें मंडलीय बैठकें आयोजित कर बड़े स्तर पर आंदोलन का आह्वान किया जाएगा। बैठक में परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण दुबे, वाराणसी इकाई के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, रमेश चंद्र राय, विजय श्याम तिवारी, शिवांगी जायसवाल, प्रीति पांडे, शिवाकांत द्विवेदी, टी. एन. चौरसिया, नन्हे सिंह, हेमंत पाठक, अनुपमा सिंह, अरुणा शुक्ला सहित दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। वाराणसी में भी 16 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर धरना आयोजित कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। परिषद ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कर्मचारियों की जायज़ माँगों का समाधान नहीं हो जाता।

Leave a Reply