ओबीसी हितों की जितनी चाहिए उतनी रक्षा नहीं कर पाया: राहुल गांधी

दिल्ली लाइव देश नोएडा राज्य

नई दिल्ली, देव कुमार। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से अपनी शक्ति को पहचानने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ओबीसी जब अपनी शक्ति पहचान लेगा, तो तस्वीर पलट जाएगी। इसके साथ उन्होंने यह खेद भी जताया कि वह पहले ओबीसी हितों की उतनी रक्षा नहीं कर पाए, जितनी उन्हें करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना नहीं करवा पाना, उनकी गलती थी और वह उसे दोगुनी ताकत से सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गांधी शुक्रवार को तालकटोरा स्टेडियम में भागीदारी न्याय सम्मेलन में बोल रहे थे। राहुल गांधी ने कहा कि ओबीसी वर्ग की देश के विकास अहम भूमिका है। कॉरपोरेट में करोड़ों रुपए के पैकेज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इतने बड़ा पैकेज पाने वालों की फेहरिस्त में कोई ओबीसी, एससी- एसटी और ओबीसी नहीं है। पर आप मनरेगा में मजदूरी करने वाले और गिग वर्कर्स की सूची देखेंगे, तो उन्हें सिर्फ ओबीसी, एससी, एसटी और आदिवासी मिलेंगे। यह देश की सच्चाई है। तेलंगाना में सामाजिक व आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के बाद प्रदेश में स्थितियां बदल रही है। राहुल गांधी ने कहा कि कोई ओबीसी अपना इतिहास नहीं बता सकता। दलित और आदिवासी अपना हजारों वर्ष पुराना इतिहास बता सकते हैं, पर ओबीसी नहीं बता सकता। क्योंकि, आरएसएस और भाजपा ने ओबीसी का इतिहास मिटा दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने न्याय सम्मेलन में मौजूद कांग्रेस के ओबीसी नेताओं के नाम लेते हुए कहा कि इतने लोगों से काम नहीं चलेगा। कांग्रेस को 40-50 और बड़े ओबीसी नेताओं की जरूरत है। सम्मेलन में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, नारायण सामी, वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद और सचिन पायलट सहित कई नेता मौजूद थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खेद जताया है कि वह पहले ओबीसी के मुद्दों को नहीं समझ पाए। वह पहले ही ओबीसी के मुद्दों को समझ जाते तो उसी वक्त जाति जनगणना करा लेते। राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई बार मिल चुके हैं और उनमें कोई दम नहीं है। राहुल गांधी ने जब सम्मेलन में मौजूद लोगों से पूछा कि देश में सबसे बड़ी समस्या क्या हैं तो वहां मौजूद किसी ने प्रधानमंत्री का नाम लिया। इस पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि नरेंद्र मोदी कोई बड़ी समस्या नहीं हैं। मीडिया ने सिर्फ गुब्बारा बना रखा है। वह उनसे मिल चुके हैं, उनके साथ बैठे है। बस शो हैं, कोई दम नहीं है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर शैक्षिक रूप से पिछड़े और वंचित समुदायों को आरक्षण देने से बचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी पहले सवर्ण जाति से थे, मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने खुद को पिछड़ा वर्ग में शामिल करा लिया। खुद को पिछड़ा कहते हैं, पर उनकी सरकार के निर्णय पिछड़ों के खिलाफ होते हैं। लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को 30 सीटें और मिल जाती, तो देश में उनकी सरकार होती।

Leave a Reply