हल्द्वानी, गौरव जोशी। राजकीय महिला महाविद्यालय हल्द्वानी की छात्राओं ने रचनात्मकता, पर्यावरणीय चेतना और नवाचार का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हुए रद्दी कागज को रीसाइकल कर सुंदर, उपयोगी और मनमोहक मॉडल तैयार किए। यह कार्य ‘मुख्यमंत्री नवाचार योजना’ के अंतर्गत प्रशिक्षित छात्राओं द्वारा किया गया, जिनकी प्रेरणा और प्रारंभिक मार्गदर्शन उन्हें महाविद्यालय के नवाचार क्लब से मिला।
पूर्व में नवाचार क्लब के संयोजक के रूप डॉ0 रितुराज पंत ने महाविद्यालय में छात्राओं को कॉलेज परिसर में लगे डस्टबिन्स में एकत्र रद्दी कागजों से पुनः कागज बनाना सिखाया गया था। इस नवाचार गतिविधि से छात्राओं को न केवल रीसाइकलिंग की तकनीकी जानकारी मिली, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यवहारिक दृष्टिकोण भी विकसित हुआ। इस प्रशिक्षण को आगे बढ़ाते हुए, जब इन छात्राओं को मुख्यमंत्री नवाचार योजना के तहत उन्नत मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, तब उन्होंने अपने कौशल को और परिष्कृत कर कई प्रकार के आकर्षक मॉडल बनाए, जिनमें पारंपरिक ग्रामीण घर , विभिन्न धाम मंदिर को बनाया गया।
इस आयोजन में छात्राओं द्वारा तैयार मॉडल न केवल उनकी कलात्मक प्रतिभा को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी प्रमाणित करते हैं कि रद्दी समझा जाने वाला कागज भी पर्यावरण और समाज की सेवा में उपयोगी बन सकता है। प्रभारी प्राचार्य प्रो. ए0के0 श्रीवास्तव ने छात्राओं की सराहना करते हुए कहा, इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्राओं के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारती हैं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह पहल नवाचार और स्थायित्व का बेहतरीन उदाहरण है।
नोडल अधिकारी नमामि गंगे डॉ. रितुराज पंत ने कहा, रीसाइकलिंग का यह प्रयोग पर्यावरणीय चेतना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कहा कि उचित विपणन और पैकेजिग के साथ ये छात्राओं के लिए स्वरोजगार का एक न्यूनतम लगत के साथ अच्छा विकल्प हो सकता है। इस कार्य को उत्कृष्टता के शिखर तक पहुंचने के लिए उन्होंने छात्रा ऋतिक बिष्ट, पूर्व छात्रा रितिका जोशी आदि की सराहना की।
