देहरादून, गौरव जोशी। उत्तराखंड सरकार ने कोल्डरिफ बनाने वाली कंपनी स्रेसन फार्मासुटिकल्स के सभी कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही बच्चों की खांसी की दवा कोल्ड्रिफ और डेक्सामिथरफेन सिरप की बिक्री अब नहीं होगी। सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को मेडिकल स्टोरों की जांच कर इन दवाओं को सील करने के आदेश दिए गए हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप से छोटे बच्चों की मौत के मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने एडवायजरी जारी कर दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न देने और चार साल से कम उम्र के बच्चों के मामलों में विशेष सावधानी बतरने के निर्देश दिए थे। राज्य की ओर से भी शनिवार को इस संदर्भ में एडवायजरी जारी की गई थी। इसके बाद अब सरकार ने तमिलनाड़ और राजस्थान में बनी कफ सिरप कोल्ड्रिफ और डेक्सामिथरफेन हाइड्रोबोमाइड की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके बाद यह दवाएं राज्य में नहीं बिक पाएंगी। ड्रग कंट्रोलर और अपर आयुक्त एफडीए ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों को मेडिकल स्टोरों पर इन दवाओं को सील करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सील करने के बाद इन कफ सिरप को वापस मंगाया गया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में खांसी की दवाई से बच्चों की मौत के मामले सामने आने के बाद फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से राज्य में छापेमारी अभियान जारी है। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि अभी तक कफ सिरप बनाने वाली कंपनियों की फैक्ट्रियों, मेडिकल स्टोरों और सरकारी अस्पतालों से कुल 49 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कंपनियों के कफ सिरप की जांच की जा रही है और प्रयोगशालाओं को प्राथमिकता के आधार पर कफ सिरप की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। एफडीए के अपर आयुक्त ने बताया कि राज्य में ऐहतियात के तौर पर बच्चों के साथ ही बड़ी आयु के लोगों के लिए प्रयुक्त होने वाली खांसी के कफ सिरप की भी जांच कराई जा रही है। सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को इस संदर्भ में निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सैंपलिंग के दौरान रेंडम सैंपिलिंग के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दवाओं में मिलावट और नकली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए जांच बढ़ाने को भी कहा गया है।
