इस्लामाबाद।
पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. अब्दुल कादिर खान (एक्यू खान) का रविवार को निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। खान ने इस्लामाबाद में खान रिसर्च लैबोरेटरीज (केआरएल) अस्पताल में सुबह सात बजे अंतिम सांस ली। गौरतलब है कि खान ने करीब 13 बार उत्तर कोरिया का दौरा किया और संदेह है कि उन्होंने उत्तर कोरिया को यूरेनियम संवर्धन की तकनीक दी है। परमाणु भौतिक विज्ञानी खान को 2004 में परमाणु हथियारों की तकनीक की तस्करी के आरोप में नजरबंद किया गया था। खान ने लीबिया को भी परमाणु तकनीक बेची थी लेकिन साल 2003 में अमरीका ने उसके परमाणु कार्यक्रम पर एक तरह से रोक लगा दी।
वर्ष 1936 में भोपाल में जन्मे और 1947 में विभाजन के बाद अपने परिवार के साथ पाकिस्तान आकर बसे खान ने केआरएल अस्पताल में रविवार सुबह सात बजे अंतिम सांस ली। जियो न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें तड़के अस्पताल लाया गया था। उधर, रक्षा मंत्री परवेज खटक ने कहा कि वह खान के निधन से अत्यंत दुखी हैं और उन्होंने इसे अपूर्णीय क्षति बताया। उन्होंने कहा, राष्ट्र के प्रति उनकी सेवाओं का हमेशा सम्मान करेंगे। हमारी रक्षा क्षमताओं को समृद्ध करने में उनके योगदान के लिए राष्ट्र उनका ऋणी रहेगा। बता दें कि पाक ने साल 1998 में अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने ट्विटर पर कहा, डॉ. अब्दुल कादिर खान के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। 1982 से उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता था। उन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए परमाणु प्रतिरोध विकसित करने में हमारी मदद की, और एक कृतज्ञ राष्ट्र इस संबंध में उनकी सेवाओं को कभी नहीं भूलेगा। प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि वह, डॉ. एक्यू खान के निधन से बहुत दुखी हैं।
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