नई दिल्ली, नीलू सिंह। विकसित भारत, गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) विधेयक को गुरुवार देर रात संसद ने विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच पास कर दिया। यह विधेयक कानून बनने के बाद मनरेगा की जगह लेगा। लोकसभा ने विकसित भारत, गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) विधेयक को गुरुवार को मंजूरी दे दी। इस दौरान विपक्ष ने इसकी प्रतियां फाड़ दीं। लोकसभा में विपक्ष ने एक बार फिर विधेयक को संसदीय समिति को भेजने की मांग दोहराई, पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सदन में विधेयक पर आठ घंटे से अधिक चर्चा हो चुकी है। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा का जवाब देने का आग्रह किया। इस पर विपक्षी सांसद अध्यक्ष के आसन के करीब आकर हंगामा करने लगे। कई सांसदों ने हाथों में गांधीजी की तस्वीरें ले रखी थीं। मंत्री के जवाब के दौरान कई सांसदों ने कागज फाड़कर फेंके। लोकसभा के बाद राज्य सभा में भी ध्वनिमत से विधेयक को पारित कर दिया गया। इसके विरोध में विपक्षी सांसद संसद परिसर में धरने पर बैठ गए। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा योजना की जगह नया विधेयक लाने और उसमें से महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार महात्मा गांधी के आदर्शों को लागू करने और विकसित गांव की बुनियाद की दिशा में काम कर रही है। इस विधेयक का उद्देश्य हर साल 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी देना है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले इस योजना का नाम नरेगा था। वर्ष 2009 के आम चुनावों से पहले कांग्रेस को महात्मा गांधी याद आए और योजना का नाम बदलकर मनरेगा किया गया। केंद्रीय मंत्री ने यूपीए सरकार पर पूरी ताकत से मनरेगा को लागू नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय जहां 1,660 करोड़ श्रम दिवस सृजित हुए थे, वहीं मोदी सरकार में 3210 करोड़ श्रम दिवस का सृजन हुआ।
