इजरायल युद्ध के 10वें दिन कूदा अमेरिका, ईरान के तीन परमाणु केंद्र तबाह

गुडगाँव दिल्ली दिल्ली लाइव मुख्य समाचार

तेल अवीव। इजरायल और ईरान के बीच पिछले 10 दिन से जारी युद्ध में अब अमेरिका भी कूद पड़ा है। अमेरिका ने रविवार तड़के तीन ईरानी परमाणु केंद्रों पर हमले किए। अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकन स्टील्थ बॉम्बर और बंकर-बस्टर बम की मदद से फोर्डो, इस्फहान और नतांज परमाणु केंद्र को नष्ट कर दिया। हमले पर ईरान ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि अमेरिका ने खतरनाक युद्ध शुरू किया है और अमेरिकी सैन्य हमले का पूरी ताकत से विरोध करेगा। गौरतलब है कि इजरायल ने पिछले नौ दिन से ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है और उसकी हवाई रक्षा एवं मिसाइल क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से नष्ट करने के साथ परमाणु संवर्धन इकाइयों को नुकसान पहुंचा रहा है। तेहरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी के बीच अमेरिका के सीधे तौर पर शामिल होने से बड़े स्तर पर लड़ाई छिड़ने के आसार बढ़ गए हैं। अभी तक जारी जंग में ईरान पर इजरायल के हमलों में कम से कम 865 लोगों की मौत हो गई चुकी है और 3,396 अन्य घायल हो गए। वहीं इजरायल पर ईरान के हमले से 24 लोग मारे गए हैं, जबकि छह सौ अधिक घायल हैं।
हमले के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, हमने ईरान के तीन परमाणु केंद्रों पर सफलतापूर्वक हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम संबोधन में भी कहा कि ईरान के प्रमुख परमाणु स्थल पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। ईरान की परमाणु एजेंसी ने पुष्टि की कि उसके परमाणु केंद्रों पर हमले हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा कि हमलों के बाद विकिरण के कोई संकेत नहीं है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर हमले करने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के लिए उनकी सराहना की है। एक वीडियो संदेश में कहा, ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का आपका साहसिक निर्णय इतिहास बदल देगा। अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने भी इजरायल में 40 मिसाइलों की बौछार की, जिसमें 80 से अधिक लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि हमले को अंजाम देने के बाद सभी विमान ईरान के हवाई क्षेत्र से बाहर आ गए हैं। यह अमेरिका, इजरायल और दुनिया के लिए ऐतिहासिक क्षण है। ईरान को अब इस युद्ध को समाप्त करने के लिए सहमत होना चाहिए। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने अमेरिकी सेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की तो और अधिक हमले किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ईरान में या तो शांति होगी या फिर त्रासदी होगी। जो पिछले आठ दिनों में देखी गई त्रासदी से कहीं अधिक घातक होगी। मीडिया रिपोर्ट में अमेरिकी हमले के बाद ली गई उपग्रह तस्वीरों का विश्लेषण किया गया। इन तस्वीरों में फोर्डो परमाणु केंद्र के प्रवेश द्वारों को नुकसान पहुंचा नजर आ रहा है और हवा में हल्के भूरे रंग का धुआं छाया हुआ नजर आ रहा है।’प्लैनेट लैब्स पीबीसी’ की तस्वीरों में पर्वतीय क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचा दिख रहा है। हमले के बाद क्षति का कोई स्वतंत्र आकलन नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या अमेरिका अपने सहयोगी इजराइल के साथ ईरान पर हमला जारी रखेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकन स्टील्थ बॉम्बर और 30 हजार पाउंड के वजन वाले बंकर-बस्टर बम से यह हमला किया गया। बंकर-बस्टिंग बम को जीबीयू-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर के रूप में जाना जाता है, जिसका इस्तेमाल जमीन के भीतर लक्ष्य को भेदने और विस्फोट में किया जाता है। वहीं एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने भी नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि अमेरिकी पनडुब्बियों ने भी ईरान में हमलों में भाग लिया और जमीनी हमला करने में सक्षम लगभग 30 ‘टॉमहॉक’ मिसाइलें दागीं।
उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि कूटनीति का दौर बीत गया और उनके देश को आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने तुर्किये में एक सम्मेलन में कहा, अमेरिका में युद्धोन्मादी, अराजक प्रशासन इस आक्रामक कृत्य के खतरनाक और दूरगामी प्रभावों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, रविवार तड़के जो हुआ वह सबसे खतरनाक था। उन्होंने परमाणु केंद्रों पर हमला करके सारी हदें पार कर दीं। अरागची ने कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए मॉस्को जाएंगे, क्योंकि अमेरिका इजरायल के साथ क्षेत्रीय युद्ध में कूद गया है। उधर, अमेरिकी हमलों के कुछ देर बाद ईरान के अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजरायल पर 40 मिसाइलें दागी हैं, जिसमें उसका ‘खोर्रमशहर-4’ मिसाइल भी शामिल है। इजरायली अधिकारियों ने बताया कि 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं और अधिकतर को मामूली चोटें आई हैं। वहीं तेल अवीव में एक बहुमंजिला इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है। ईरान की बमबारी के बाद इजरायल की सेना ने कहा कि उसने ईरानी मिसाइल लांचरों को तेजी से बेअसर कर दिया और पश्चिमी ईरान में सैन्य लक्ष्यों की ओर कई हमले करने शुरू कर दिए। उधर, इजरायल ने कहा कि उसने ईरान के देजफुल हवाई अड्डे पर दो लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया। एफ-5 लड़ाकू विमान ईरान के पुराने लड़ाकू विमानों के बेड़े का हिस्सा हैं। इजरायल ने फुटेज जारी की है जिसमें एक विमान नष्ट होते हुए देखा गया है। इजरायल ने पहले भी युद्ध में ईरानी सेना के एफ-14 टॉमकैट्स को निशाना बनाया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये विमान उड़ान भरने लायक थे या नहीं, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में कई विमानों को पुर्जों की कमी के कारण इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। इजरायल ने यह भी कहा कि उसने इस्फहान के हवाई अड्डे के आसपास और अन्य जगहों पर भी हमला किया।

Leave a Reply