लखनऊ, राजेंद्र तिवारी। इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या करवाने वाली उनकी पत्नी सोनम की चर्चा अभी थमी नहीं हैं कि अलीगढ़ में एक और ‘सोनम’ सामने आ गई। यहां गंगीरी क्षेत्र के गांव नगला हिमाचल में पत्नी ने अपने प्रेमी देवर के साथ मिलकर ड्राइवर पति की हत्या करवा दी। दो दिन पहले पति का शव गांव के मुख्य रास्ते पर पड़ा मिला था। उसे कनपटी पर गोली मारी गई थी। शुक्रवार को पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
गंगीरी क्षेत्र के गांव नगला हिमाचल निवासी 30 वर्षीय ऋषिपाल पुत्र दंगल सिंह निजी गाड़ी चलाते थे। बुधवार सुबह घर से 50 मीटर दूर उनका शव अर्द्धनग्न हालत में मिला था। बताया गया था कि उनकी पत्नी ललिता की तबीयत खराब हो गई थी। इस पर ऋषिपाल पत्नी को गांव में ही उसकी बुआ गुड्डी देवी पत्नी सौदान सिंह के घर छोड़ने गए थे। वहां से लौटते समय हत्या कर दी गई। एसपी देहात अमृत जैन ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि गांव के लोगों से पूछताछ में शक की सुई ललित पर ही घूम गई। सख्ती से पूछताछ में उसने जुर्म कबूल लिया। ललिता ने बताया कि चार साल पहले उसकी शादी हुई थी। पति बड़ी गाड़ी के ड्राइवर थे, जो अक्सर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता गाड़ी लेकर जाते थे। कई दिनों बाद घर आते थे। वह कभी एटा में अपने मायके में चली जाती और कभी गांव में रहती। वहीं, ललिता की बुआ की शादी ऋषि के चाचा सौदान सिंह के साथ हुई है। ललिता बुआ के घर पर आती-जाती थी, जहां उसकी मुलाकात बुआ के बेटे नीरेश से होती थी। नीरेश शादीशुदा नहीं है। पति की गैरमौजूदगी में दोनों के बीच अवैध संबंध हो गए और साथ रहना चाहते थे। ललिता ने कई बार नीरेश से कहा कि ऋषि को रास्ते से हटा दो, तब हम दोनों मजे की जिंदगी जीएंगे। सात जून को नीरेश के भाई बबलू की शादी थी। शादी में ललिता व ऋषि को बुलाया था। ऐसे में दोनों शादी से दो दिन पहले आ गए। 10-12 दिन गांव में रहे। इसी बीच 17 जून की रात को अवैध संबंधों को लेकर ऋषि से विवाद हुआ। उसने भला बुरा कहकर मारपीट की। इसके बाद ललिता बुआ के घर चली गई। ऋषि उसे बुलाने गया, मगर वह नहीं आई। तभी ललिता ने नीरेश से ऋषि को ठिकाने लगाने के लिए कहा। नीरेश व ऋषि चचेरे भाई थे तो साथ उठना-बैठना भी था। घटना वाले दिन नीरेश ऋषि को अपने साथ ले गया। दोनों ने शराब पी। फिर लौटते समय रास्ते में नीरेश ने पीछे से उसे तमंचे से गोली मार दी। इसके बाद शव को वहीं पड़ा छोड़कर फरार हो गया। नीरेश से तमंचा भी बरामद हुआ है। घटना के बाद नीरेश ने घर आकर ललिता को बताया कि उसने ऋषि की हत्या कर दी थी। लेकिन, ललिता ने किसी को कुछ नहीं बताया। रातभर उसका शव रास्ते में पड़ा रहा। पत्नी उसे देखने तक नहीं गई। पुलिस से पूछताछ में भी वह गुमराह करती रही। शुरुआत में पत्नी ने प्रेमी को बचाने के लिए पुलिस को गांव के तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तीनों से पूछताछ की, मगर उनकी भूमिका नहीं पाई गई। गांव के लोगों से पूछताछ में पता चला कि ललिता के करीब एक साल से नीरेश से अवैध संबंध हैं। इसके बाद ऋषि के भाई राहुल कुमार ने ललिता व नीरेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। तब जाकर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। नीरेश परिवार से अलग मेरठ में रहकर एक दूध फैक्ट्री में काम करता है। फिलहाल अपने भाई की शादी में आया था। उसकी योजना था कि ऋषि की हत्या के बाद वह ललिता को लेकर मेरठ में शिफ्ट हो जाएगा। घटना के बाद वह फरार होने की बजाय गांव में रहा। अंतिम संस्कार में शामिल हुआ, ताकि उस पर किसी को शक न हो।
