जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष बनी आदिति मिश्रा

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नई दिल्ली, नीलू सिंह। जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आदिति मिश्रा बन गई है। कांटे की टक्कर में अध्यक्ष पद पर अदिति मिश्रा ने विकास पटेल को, उपाध्यक्ष पद पर के गोपिका ने तान्या कुमारी को,सचिव पद पर सुनील यादव ने राजेश्वर कांत दुबे को और संयुक्त सचिव पद पर दानिश अली ने एबीवीपी के अमन को हराया। अदिति मिश्रा को 1937 मत, के गोपिका को 3101 मत, सुनील यादव को 2002 तथा दानिश अली को 2083 मत प्राप्त हुए, जबकि विकास पटेल को 1488 मत, तान्या कुमारी को 1787,राजेश्वर कांत दुबे को 1901 एवं अनुज को 1797 वोट मिले। याद रहे कि इस बार लगभग 67 प्रतिशत छात्रों ने मतदान किया, जो पिछले चुनाव की तुलना में कम है।
छात्रसंघ चुनाव 2025 के परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिए गए। इस वर्ष लेफ्ट गठबंधन ने एक बार फिर चारों केंद्रीय पदों पर कब्जा जमाते हुए अपना दबदबा कायम रखा, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कड़ी टक्कर दी। घोषित परिणामों के अनुसार, अध्यक्ष पद पर लेफ्ट की आदिती मिश्रा, उपाध्यक्ष पद पर के. गोपिका, महासचिव पद पर सुनील यादव और संयुक्त सचिव पद पर दानिश अली विजयी रहे। ज्ञात हो कि विगत वर्ष वाम गठबंधन ने केवल तीन सीटें जीती थी। संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी प्रमुख चार पदों पर एबीवीपी ने वाम गठबंधन को कठिन टक्कर दी है। कुछ राउंड की मतगणना में तो सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर एबीवीपी वाम गठबंधन से आगे निकल गई। हालांकि आखिरी राउंड में वाम गठबंधन ने बढ़त बना ली और सभी पदों पर जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला लेफ्ट गठबंधन की आदिती मिश्रा, एबीवीपी के विकास पटेल और प्रगतिशील छात्र संगठन (पीएसए) की शिंदे विजयलक्ष्मी के बीच रहा। कुल 5802 मतों की गिनती के बाद 1937 वोट हासिल कर आदिती मिश्रा विजेता रहीं, जबकि विकास पटेल को 1488 वोट और विजयलक्ष्मी को 1276 वोट मिले। 132 छात्रों ने नोटा का विकल्प चुना, जबकि 35 मतपत्र खाली और 65 अमान्य पाए गए। इस बार पहली बार छात्र संघ चुनाव में हिस्सा लेने वाले पीएसयू की प्रत्याशी शिंदे विजय लक्ष्मी वेंकट राव ने बेहतर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष पद पर उन्होंने 1276 मत प्राप्त किए। वह तीसरे स्थान पर थी। उपाध्यक्ष पद पर वाम गठबंधन की के. गोपिका ने 3101 वोट प्राप्त कर एबीवीपी की तान्या कुमारी को बड़े अंतर से पराजित किया। तान्या को 1787 वोट मिले। यह चारो पैनल में हार जीत का सबसे बड़ा अंतर था। महासचिव के पद पर मुकाबला बेहद कांटे का रहा। लेफ्ट के सुनील यादव ने 2002 वोट हासिल कर एबीवीपी के राजेश्वर कांत दुबे मात्र 1905 मत प्राप्त हुए। सुनील यादव ने राजेश्वर कांत दुबे को मात्र 97 मतों से हराया। संयुक्त सचिव के लिए लेफ्ट के दानिश अली ने 2083 वोट पाकर एबीवीपी के अनुज दमारा पराजित किया। अनुज को मात्र 1797 मत ही प्राप्त हुए। हार जीत का यह अंतर दूसरा सबसे कम अंतर था।

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