रांची। बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र अंतर्गत जिलगा पहाड़ के पास सियारी पंचायत के बिरहोर डेरा गांव के निकट जंगल में बुधवार सुबह करीब छह बजे पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने मुठभेड़ में पांच लाख के इनामी नक्सली कुंवर मांझी ऊर्फ सहदेव मांझी को मार गिराया। मारा गया नक्सली गोमिया थाना क्षेत्र के ही सियारी पंचायत के बिरहोर डेरा का ही रहने वाला है। उसके पास से एक एके 47 राइफल व मैग्जीन बरामद किया गया है। वहीं मुठभेड़ के दौरान कोबरा 209 बटालियन के जवान प्राणेश्वर कोच शहीद हो गए। नक्सलियों की गोली से जख्मी जवान को एयरलिफ्ट किया गया, पर इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शहीद जवान असम कोंकराझार के रहने वाले थे। एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने अपने बचाव में कुछ भोले भाले ग्रामीणों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया। उनमें से एक ग्रामीण की नक्सलियों की गोली से ही मौत हो गई। एसपी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय से भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता व थिंक टैंक सह सेंट्रल कमेटी मेंबर प्रवेश ऊर्फ सहदेव सोरेन ऊर्फ अनुज व सैक मेंबर बिरसेन ऊर्फ चंचल ऊर्फ रघुनाथ हेम्ब्रम ऊर्फ काना के जरिए लुगू इलाके में बड़ी विध्वंसक घटना को अंजाम देने की सूचना मिली थी। इसी आलोक में बोकारो पुलिस ने मंगलवार रात को ही कोबरा बटालियन के साथ मिलकर घेराबंदी शुरू किया। बुधवार सुबह लगभग 6 बजे नक्सली दस्ता ने बिरहोर डेरा जंगल में अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई, जिसमें नक्सली कुंवर मांझी मारा गया। पुलिस कार्रवाई को देख नक्सल दस्ता पीछे हटने लगे। इसके बाद सर्च ऑपरेशन में दो शव बरामद किए गए हैं। सब जोनल कमांडर कुंवर मांझी पर बोकारो में 21 और हजारीबाग में 7 नक्सली हमलों का आरोप है। सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। नक्सल शीर्ष नेतृत्व की तलाश की जा रही है। जिले की सीमा को सील कर ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बोकारो के नक्सल इलाकों से सटे हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद व रामगढ़ तथा पुरुलिया जिले की पुलिस को भी पुलिस मुख्यालय की ओर से अलर्ट किया गया है। इससे पहले अप्रैल में बोकारो पुलिस ने दो ज्वाइंट ऑपरेशन में एक करोड़ के इनामी माओवादी प्रयाग दा समेत दस नक्सलियों को ढेर कर दिया था।
