नई दिल्ली, नीलू सिंह।
एक दिन पहले हुए आठ सांसदों के निलंबन के अगले दिन नेता प्रतिपक्ष और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच न सिर्फ नोकझोंक हुई बल्कि एक दूसरे को गद्दार दोस्त और देश का दुश्मन भी कहा गया।
लोकसभा की कार्यवाही से निलंबित आठ सांसदों के धरना-प्रदर्शन के बीच सियासी पारा उस वक्त बढ़ गया, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक हो गई। राहुल गांधी ने उन्हें ‘गद्दार दोस्त’ कहकर संबोधित किया। इस पर पलटवार करते हुए बिट्टू ने राहुल को देश का दुश्मन बता दिया। संसद के मकर द्वार पर बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही से निलंबित कांग्रेस सांसद धरना दे रहे थे। राहुल गांधी सहित पार्टी के कई सांसद उनका समर्थन देने के लिए वहां पहुंचे थे। उसी वक्त सामने से रवनीत सिंह बिट्टू आते हुए नजर आए। इस पर राहुल गांधी ने उनकी ओर इशारा करते हुए कथित तौर पर कहा कि यह रहा गद्दार, इसका चेहरा देखो। बिट्टू जब करीब आए तो राहुल ने उनसे हाथ मिलाने की कोशिश करते हुए कहा कि हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त, चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में आ जाओगे। इस पर बिट्टू ने राहुल गांधी से हाथ मिलाने से परहेज किया। उन्होंने फौरन प्रतिक्रिया दी और कथित तौर पर राहुल गांधी को देश का दुश्मन बताया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच कुछ देरकर बहस होती रही। इस घटनाक्रम के बाद संसद के अंदर और बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया। पंजाब में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में भाजपा इसे मुद्दा बनाने में जुट गई है। रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस में थे। बाद में उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का कमल थाम लिया था। ऐसे में राहुल गांधी की टिप्पणी को पुराने राजनीतिक संबंधों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। वहीं, भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इसे बयानबाजी करार दिया है।
