हिंदी सिर्फ मातृभाषा नहीं, हमारी संस्कृति भी है : प्राचार्य वर्मा

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केवि में हिंदी पखवाड़ा के 75 विजेताओं को मिला पुरस्कार

वाराणसी, राजेंद्र तिवारी। पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में हिंदी पखवाड़ा का समापन शुक्रवार को काव्य पाठ के साथ हुआ। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 75 विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. सीबीपी वर्मा ने विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी केवल हमारी मातृभाषा ही नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, सभ्यता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे हिंदी का अधिक से अधिक उपयोग करें और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

प्राचार्य डॉ. सीबीपी वर्मा ने बताया कि हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत कंद्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में कई रचनात्मक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें निबंध लेखन, वाद-विवाद, काव्य-पाठ, प्रश्नोत्तरी, सुलेख, भाषण और पोस्टर निर्माण जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थीं। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाना और उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना था। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के सैकड़ों विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में 60 छात्रों के साथ-साथ 15 शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी विजेता के रूप में अपनी जगह बनाई। प्राचार्य डॉ. वर्मा ने कहा कि हिंदी भाषा हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है। यह वह माध्यम है जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और हमारी राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। हिंदी का प्रयोग केवल संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच, भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। आज के दौर में, जब वैश्वीकरण के प्रभाव से हम अपनी भाषा को भूलते जा रहे हैं, तब हिंदी पखवाड़ा जैसे आयोजन हमें हमारी भाषा के प्रति गर्व और जिम्मेदारी का एहसास दिलाते हैं। मैं सभी विद्यार्थियों से आग्रह करता हूं कि वे हिंदी को अपनी पहचान का हिस्सा बनाएं और इसे गर्व के साथ अपनाएं। कार्यक्रम के संयोजक अजीत भूषण राहुल ने बताया कि एक सितंबर से प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ था। प्रतियोगिता के तहत निबंध लेखन, वाद-विवाद, काव्य-पाठ, प्रश्नोत्तरी, सुलेख, भाषण और पोस्टर निर्माण आदि का आयोजन किया गया। इसमें प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के कई विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। शुक्रवार को प्रतियोगिता के 75 विजेताओं की घोषणा की गई। प्राचार्य डॉ. वर्मा ने 60 विजयी छात्र और 15 शिक्षक व कर्मचारियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हिंदी पखवाड़ा विद्यार्थियों में भाषाई कौशल और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाने का एक शानदार मंच साबित हुआ है। काव्य-पाठ और भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को जीवंत किया, जबकि पोस्टर निर्माण और सुलेख में उनकी रचनात्मकता ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों को अपनी भाषा के प्रति प्रेम को बढ़ावा दिया, बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों को भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर प्रदान किया। समापन समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदी भाषा को बढ़ावा देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस तरह के आयोजन भविष्य में भी विद्यालय में आयोजित किए जाएंगे ताकि विद्यार्थी अपनी मातृभाषा के प्रति और अधिक जागरूक हों।

 

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