नई दिल्ली, नीलू सिंह। सऊदी अरब के मदीना के पास सोमवार तड़के हुए भीषण बस हादसे में तेलंगाना के 42 भारतीय उमरा तीर्थयात्रियों सहित कुल 44 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी मामले से जुड़े लोगों ने दी है। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने बताया कि मृतकों की संख्या 45 तक हो सकती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में शहर से 54 व्यक्ति उमरा यात्रा के लिए रवाना हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मदीना में भारतीय नागरिकों से जुड़े हादसे से बेहद दुखी हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। रियाद में हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।
सऊदी के स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हादसे में एक भारतीय यात्री जीवित बच गया है। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। बस में मौजूद दो स्थानीय सहयोगियों की भी दुर्घटना में मौत हो गई। शवों को किंग फहद अस्पताल, किंग सलमान अस्पताल और अल मीकात अस्पताल में रखा गया है। हादसा मदीना से लगभग 40 किलोमीटर दूर भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे हुआ। बताया गया है कि बस रास्ते में एक स्थान पर रुकी हुई थी। इसी दौरान एक तेल टैंकर ने पीछे से बस में टक्कर मार दी, जिससे जोरदार विस्फोट हो गया। सऊदी प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। बस मक्का से मदीना जा रही थी। जेद्दा स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सभी औपचारिकताओं का समन्वय कर रहे हैं। एक अधिकारी के मुताबिक पहचान होने के बाद परिजनों को विकल्प दिया जाएगा कि वे शव को भारत भेजना चाहते हैं या मदीना के प्रसिद्ध कब्रिस्तान जन्नतुल बकी में स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाना चाहते हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। उनके कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी बताया कि उन्होंने विदेश मंत्रालय और सऊदी दूतावास से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सचिवालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सऊदी अरब में भारतीय उमरा यात्रियों की बस दुर्घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मैं केंद्र सरकार से खासकर विदेश मंत्री जयशंकर से अपील करता हूं कि शवों को जल्द ले जल्द भारत लाया जाए और घायलों को जरूरी चिकित्सा मुहैया कराई जाए।
