नई दिल्ली। गोवा के एक नाइट क्लब में भीषण अग्निकांड में उत्तराखंड के पांच समेत 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें पांच पर्यटक और 20 क्लब कर्मचारी शामिल हैं। इस हादसे में जान गंवाने वाले पर्यटकों में से चार दिल्ली के हैं, जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं। पांचवां पर्यटक कर्नाटक से संबंधित है। राज्य सरकार ने रविवार रात सभी 25 पीड़ितों की सूची जारी की है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में क्लब में इलेक्ट्रिक आतिशबाजी के इस्तेमाल की बात सामने आई है। आशंका है कि आतिशबाजी के दौरान निकली तेज चिंगारियों से आग भड़की। मामले में क्लब प्रबंधक समेत चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा शोक जताया है।
हादसा शनिवार देर रात उत्तरी गोवा में पणजी से करीब 25 किलोमीटर दूर अरपोरा नदी के पास स्थित ‘बर्च बाई रोमियो लेन’ नाइट क्लब में हुआ। बताया जा रहा है कि वीकेंड पर यहां दो सौ से अधिक लोग मौजूद थे। देर रात क्लब की पहली मंजिल से आग की लपटें उठने लगीं। उस वक्त वहां डांस फ्लोर पर सौ से अधिक पर्यटक थे। कुछ ही पलों में धुआं पूरे क्लब में भर गया। इससे मौके पर भगदड़ सी मच गई। जान बचाने के लिए लोग भूतल पर पहुंचे, लेकिन बाहर निकलने के दरवाजे छोटे और रास्ते संकरे होने से कई लोग वहीं फंसे रह गए। इसी बीच आग ने पूरे क्लब को चपेट में ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के चार पर्यटकों की पहचान सरोज जोशी, अनीता जोशी, कमला जोशी और विनोद कुमार के रूप में हुई। रविवार को उनकी पहचान उनकी रिश्तेदार भावना जोशी ने की। त्रासदी में मरने वाले एक अन्य पर्यटक की पहचान कर्नाटक के इशाक के रूप में हुई है। सरकार ने कहा कि उनकी पहचान उनके पिता एमडी हुसैन ने की। सूची के अनुसार, पीड़ितों में से 20 नाइट क्लब के कर्मचारी थे, जिनमें उत्तराखंड के पांच, नेपाल के चार, झारखंड और असम के तीन-तीन, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के दो-दो और पश्चिम बंगाल का एक व्यक्ति शामिल है। सबसे ज्यादा पीड़ित उत्तराखंड से है, जिनकी पहचान जितेंद्र सिंह, सतीश सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुमित नेगी और मनीष सिंह के रूप में हुई है। महाराष्ट्र के लोगों में डोमिनिक और मनोज जोरा शामिल हैं, जबकि रोहन सिंह और सुनील कुमार उत्तर प्रदेश के हैं। दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) के एकमात्र पीड़ित की पहचान सुभाष छेत्री के रूप में हुई। झारखंड के लोगों की पहचान मोहित, प्रदीप महतो और बिनोद महतो के रूप में हुई है। चार नेपाली नागरिकों की पहचान चूर्ण बहादुर पुन, विवेक कटवाल, सबिन और सुदीप के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर मौतें धुएं से दम घुंटने के कारण हुई हैं। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुरुआत में माना जा रहा था कि क्लब के किचन में गैस सिलेंडर फटने से आग लगी थी। लेकिन रविवार शाम पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि आरंभिक जांच में इलेक्ट्रिक आतिशबाजी के कारण आग लगने की आशंका है। शनिवार देर रात क्लब के भीतर यह आतिशबाजी की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाइट क्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। क्लब के प्रबंधक और शनिवार को क्लब में हो रहे इवेंट के आयोजकों पर भी मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं, अरपोरा-नागोआ के सरपंच रोशन रेडकर को क्लब को व्यापारिक लाइसेंस जारी करने पर हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। मुख्यमंत्री सावंत ने बताया कि नाइट क्लब के मुख्य महाप्रबंधक राजीव मोदक, महाप्रबंधक विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंहानिया और गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि क्लब मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को भी जल्द पकड़ा जाएगा। इस संबंध में डीजीपी को निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव वी कैंडावेलू और डीजीपी आलोक कुमार को उन अधिकारियों की जांच के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने मानकों के उल्लंघन के बावजूद क्लब पर कार्रवाई नहीं की थी। गृह विभाग और अन्य विभागों को भी फिर ऐसी घटना नहीं होने देने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
