सिलीगुड़ी कॉरिडोर में भूमिगत हाई स्पीड ट्रेनें दौड़ेगी : वैष्णव

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नई दिल्ली, नीलू सिंह। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को बताया कि वाराणासी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड कॉरिडोर पश्चिम बंगाल में भूमिगत होगा। रेल मंत्री ने कहा कि सात नए हाई-स्पीड कॉरिडोर देश के परिवहन क्षेत्र को बदल देंगे। इन पर लगभग 16 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी के बीच बुलेट ट्रेन चलेगी। इस मार्ग को वाराणसी से दिल्ली से भी जोड़ा जाना है। इसी कारण सिलीगुड़ी से पटना, वाराणसी होते हुए दिल्ली तक बुलेट ट्रेन की सुविधा लोगों को मिलेगी। इसके लिए एलिवेटेड रेल लाइन बनाया जाएगा। इस पर 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ेंगी।
सरकार ने आम बजट में सात नए हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि पूर्वोत्तर भारत को देश की मुख्य भूमि से जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से अहम 40 किलोमीटर लंबे सिलीगुड़ी गलियारे में भूमिगत रेल पटरी बिछाने की योजना पर काम किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से होकर गुजरने वाला संकरा भू-गलियारा, जो उत्तर पूर्वी क्षेत्र को भारत के अन्य भागों से जोड़ता है, चिकेन नेक के नाम से जाना जाता है। वैष्णव ने आम बजट में रेल मंत्रालय संबंधी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि वाराणासी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड कॉरिडोर पश्चिम बंगाल में भूमिगत होगा। सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण यह 40 किलोमीटर लंबा सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है, यह बंग्लादेश सीमा से सटा हुआ है। भूमिगत रेलवे ट्रैक बिछाने और मौजूदा ट्रैक को चार लेन का बनाने की योजना पर काम हो रहा है। भूमिगत रेलवे लाइन पश्चिम बंगाल में टिन मिले हाट और रंगापानी रेलवे स्टेशनों के बीच होंगी। सुरक्षा की दृष्टि से यह भूमिगत मार्ग महत्वपूर्ण है। वैष्णव ने बताया कि इस साल भारतीय रेलवे को 2,93,030 करोड़ की बजटीय सहायता मिली है। यह अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। इस राशि का मुख्य उपयोग रेलवे की क्षमता बढ़ाने, सुरक्षा तकनीक को आधुनिक बनाने और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर बनने के बाद दिल्ली से वाराणसी की दूरी 3 घंटे 50 मिनट तय हो जाएगी। वाराणसी से सिलीगुड़ी (पटना होकर) सफर 2.5 घंटे पूरा होगा। जबकि चेन्नई से बेंगलुरु 1 घंटा 13 मिनट, मुंबई से पुणे 48 मिनट, पुणे से अहमदाबाद 1 घंटा 45 मिनट यात्रा पूरी की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि बिहार में रेलवे के विकास के लिए 10 हजार 379 करोड़ रुपये का आवंटन बजट में किया गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष से 300 करोड़ रुपये अधिक है। ये जानकारी सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि बिहार को भी बुलेट ट्रेन की सौगात दी गई है। यह बिहार के लिए गेम चेंजर साबित होगा। औद्योगिक क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि देश में पहले चरण में मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के लिए तेजी से निर्माण किया जा रहा है। दूसरे चरण में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। भविष्य में बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर सिलीगुड़ी से गुवाहाटी तक भी जाएगा। रेल मंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 के लिए बिहार में रेल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए रिकॉर्ड बजट आवंटन किया गया है।

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