राजद विधायक दल के नेता चुने गए तेजस्वी

पटना बक्सर बिहार लाइव मुख्य समाचार

पटना, राजेंद्र तिवारी। राजद के नवनिर्वाचित विधायकों ने एक बार फिर तेजस्वी यादव को राजद विधायक दल का नेता चुना है। सोमवार को तेजस्वी के सरकारी आवास एक पोलो रोड में हुई बैठक में राजद विधायकों ने तेजस्वी के ही नेतृत्व में सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने की प्रतिबद्धता जतायी। हालांकि तेजस्वी ने खुद एक आम कार्यकर्ता बनकर पार्टी की सेवा करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे विधायकों ने खारिज कर दिया।
विधायकों के अनुरोध पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने तेजस्वी को दल का नेता घोषित किया। विधानसभा से मान्यता के बाद नेता प्रतिपक्ष के तौर पर तेजस्वी की यह चौथी पारी होगी। लगभग तीन घंटे चली बैठक में चुनाव में अपेक्षित सफलता न मिलने के कारणों पर गहन मंथन किया गया। पार्टी नेताओं ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि मतदाताओं तक संदेश पहुंचाने में कमी रह गई। विशेष रूप से, स्थानीय स्तर पर महिला और युवा मतदाताओं तक पार्टी की बात को प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचाया जा सका। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी गठबंधन द्वारा महिलाओं को कथित तौर पर दस हजार रुपये देकर वोट खरीदा गया। बैठक में लालू प्रसाद ने कहा कि घर का विवाद घर के लोग सुलझा लेंगे, आप लोग चिंता मत कीजिए। उनका इशारा रोहिणी आचार्य के बयानों से उपजे पारिवारिक विवाद की ओर था। लालू ने विधायकों और पार्टी नेताओं को कहा कि विचारधारा से कोई समझौता नहीं होगा। हमें गरीबों की आवाज उठाते रहनी है। लालू ने कहा कि सदन के भीतर मजबूती से विपक्ष का असर दिखाएं। विधायक दल का नेता चुने जाने पर तेजस्वी यादव ने विधायकों के साथ ही पार्टी के प्रति आभार जताया। बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि दुनिया के किसी भी लोकतांत्रिक देश के किसी भी पॉलिटिकल पार्टी का 90 फीसदी स्ट्राइक रेट नहीं रहा है। लेकिन यह बिहार में हुआ है। चुनाव आयोग पर हमला करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि आयोग के कारण एनडीए को शत-प्रतिशत सफलता भी मिल सकती है। बैठक में पूर्व सीएम राबड़ी देवी, पूर्व मंत्री जगदानंद सिंह, अब्दुलबारी सिद्दिकी, उदय नारायण चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल सहित पार्टी के विधायक और चुनाव हार चुके कई नेताओं ने विचार रखे।

 

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