नमामि गंगे के संकल्प के साथ तिरंगा लहराते विद्यार्थियों ने दिया स्वच्छता का संदेश
दिनांक: 27 फरवरी 2026 | स्थान: हल्द्वानी
इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी की नमामि गंगे प्रकोष्ठ द्वारा नगर के शिशु मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं गंगा संरक्षण के उद्देश्य से एक स्वच्छता संगोष्ठी तथा भव्य जन-जागरूकता स्वच्छता रैली का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रो0 आभा शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं आमजन में स्वच्छता, स्वच्छ जल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य होरी लाल गंगवार की अध्यक्षता में एक स्वच्छता संगोष्ठी आयोजित की गई।संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य होरी लाल गंगवार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी स्वच्छता को अपने व्यवहार में उतारते हैं, तभी समाज में स्थायी परिवर्तन संभव होता है। शिक्षा संस्थानों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करें। संगोष्ठी में नमामि गंगे प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. रितुराज पंत ने नमामि गंगे अभियान की अवधारणा, उद्देश्य और सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और जल संरक्षण राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
संगोष्ठी के उपरांत प्रधानाचार्य द्वारा सभी छात्राओं को स्वच्छता शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए नगर में एक भव्य स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान छात्राओं द्वारा “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत”,“गंगा को निर्मल बनाना है, हम सबको आगे आना है”,“स्वच्छता अपनाओ, देश बचाओ”,“जल है तो कल है”जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया गया। तिरंगे के साथ लगाए गए नारों ने रैली को देशभक्ति और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान आचार्य अनुज गंगवार ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वच्छता जब संकल्प बन जाती है, तब उसका प्रभाव समाज के हर वर्ग तक पहुंचता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने घर, विद्यालय और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखकर दूसरों के लिए उदाहरण बनें। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
