पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में पुस्तकोपहार कार्यक्रम का भव्य आयोजन
केंद्रीय विद्यालय में किताबें उपहार में पाकर छात्र उत्साहित
वाराणसी। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में गुरुवार को पुस्तकोपहार समारोह में छात्र उत्साहित दिखे। उपहार के रूप में किताबें पाकर छात्रों ने कहा कि हम स्कूल का नाम रोशन करेंगे। प्राचार्य डॉ. चंद्र भूषण प्रकाश वर्मा के विशेष प्रयास से आयोजित इस समारोह का मुख्य उद्देश्य छात्रों में पुस्तकों के पुनः उपयोग की आदत डालना और पढ़ाई के प्रति जागरूकता फैलाना था। उन्होंने कहा कि पुस्तकोपहार समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। साथ ही यह किताबों का पुनर्जन्म भी है। पुनर्जन्म इसलिए कि इन किताबों से एक और छात्र शिक्षित होगा। छात्रों में पढ़ने के प्रति जागरूकता बढ़ती है। कार्यक्रम के दौरान सीनियर छात्रों ने अपनी पुरानी कक्षा की पाठ्यपुस्तकों को जूनियर छात्रों को उपहार में दिया, जिससे उनके ज्ञान का प्रवाह निर्बाध रूप से आगे बढ़ता रहे।

पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में गुरुवार को पुस्तकोपहार समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्र भूषण प्रकाश वर्मा ने बताया कि कागज के उत्पादन के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाते हैं, जिससे पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में ‘पुस्तकोपहार’ कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अपनी पुरानी किताबें दूसरों को उपहार करने के लिए प्रेरित करना है, जिससे नए छात्रों को लाभ मिल सके और कागज की खपत में कमी आए। इस कार्यक्रम में छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रोन्नत हुए छात्रों ने अपनी पुरानी कक्षा की पुस्तकों को नए छात्रों को भेंट किया। पुस्तकें प्राप्त करने वाले छात्रों में भी खुशी की लहर देखी गई, क्योंकि इससे न केवल उनकी पढ़ाई में सहायता मिलेगी, बल्कि वे भी इस नेक कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित हुए। प्राचार्य डॉ. चंद्र भूषण प्रकाश वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए वर्मा ने कहा कि पुस्तकोपहार कार्यक्रम केवल विद्यालय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश है। इस पहल से छात्रों में जागरूकता बढ़ती है और वे अपने ज्ञान को दूसरों के साथ साझा करने की भावना विकसित करते हैं। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर भविष्य मिल सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यालय परिसर और समाज में प्लास्टिक के प्रयोग को पूरी तरह से समाप्त करने की अपील की। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक पुनः उपयोग योग्य वस्तुओं का प्रयोग करें और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अपनी भूमिका निभाएं। इस मौके पर मुख्य अध्यापिका शालिनी मिश्रा, पुस्तकालयाध्यक्ष ज्योति, शिक्षक केएन तिवारी, अंजली ठाकुर, बीएन मिश्रा, आरए राम सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों ने भी छात्रों को पुस्तकदान के महत्व को समझाया और उन्हें इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अध्यापिका शालिनी मिश्रा ने कहा कि पुस्तकों को पुनः उपयोग में लाने से न केवल कागज की बचत होगी, बल्कि इससे विद्यार्थियों में सहयोग और परोपकार की भावना भी विकसित होगी। पुस्तकालयाध्यक्ष ज्योति ने छात्रों को नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने और पढ़ने की आदत को विकसित करने की सलाह दी।