नई दिल्ली, नीलू सिंह। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में हमारी सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकार डिजिटल-फर्स्ट के प्रति प्रतिबद्ध है। यह भारत में निवेश, नवाचार और निर्माण का सर्वोत्तम समय है। उन्होंने कहा कि भारत में एक जीबी वायरलेस डाटा की कीमत एक कप चाय से भी कम है। उन्होंने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में स्टार्टअप को आगे आना होगा। सरकार इस दिशा में ‘टेलिकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड’ और ‘डिजिटल कम्युनिकेशंस इनोवेशंस स्क्वायर’ के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम का समर्थन कर रही है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा, सरकार की नीतियां और कारोबार में आसानी ने देश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। जीएसटी दरों में संशोधन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सुधारों की रफ्तार बढ़ा रही है, जिससे देश में निवेश के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं। मोदी ने बताया कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम और दूसरा सबसे बड़ा 5जी बाजार है। देश में इस क्षेत्र में आवश्यक मानव संसाधन और दृष्टिकोण मौजूद हैं। प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि इसके लिए कानून सख्त किए गए हैं, जवाबदेही बढ़ाई गई है और शिकायत निवारण तंत्र में सुधार किया गया है। मोदी ने डिजिटल कनेक्टिविटी के महत्व पर जोर देते हुए कहा, डाटा खपत के मामले में भारत दुनिया के अग्रणी देशों में है। इसका मतलब है कि डिजिटल कनेक्टिविटी अब भारत में विलासिता नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। देश जिसने कभी 2जी में संघर्ष किया था, आज लगभग हर जिले में 5जी उपलब्ध है। मोदी ने कहा कि हाल ही में भारत ने अपना मेड इन इंडिया 4जी स्टैक लॉन्च किया है, जिससे भारत उन पांच देशों में शामिल हो गया है जिनके पास 4जी क्षमता है। उन्होंने बताया कि 4जी स्टैक लॉन्च के दिन देशभर में लगभग एक लाख 4जी टावर एक साथ सक्रिय किए गए, जिससे दो करोड़ से अधिक लोगों को डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ा गया, जिनमें कई दूरदराज के क्षेत्र शामिल थे। प्रधानमंत्री ने कहा, जहां भी वैश्विक स्तर पर चुनौतियां हैं, भारत समाधान प्रदान करने में सक्षम है। सेमीकंडक्टर निर्माण में दुनिया की निर्भरता कुछ देशों पर थी, लेकिन भारत ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और देश में 10 सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने मोबाइल निर्माण पर कहा कि चिपसेट, बैटरी, डिस्प्ले और सेंसर्स का देश में उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है ताकि भारत तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बन सके। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, भारत की महत्वाकांक्षाएं केवल 5जी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब ध्यान 6जी और उपग्रह संचार पर केंद्रित है। लक्ष्य है कि भारत 6जी पेटेंट का 10 प्रतिशत हासिल करे। सिंधिया ने कहा, वह दिन दूर नहीं जब पूरी दुनिया कहेगी कि वह भारत पर निर्भर है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ने कहा, सरकार ने देश के डाटा संसाधनों और स्पेक्ट्रम संपत्तियों की सुरक्षा के लिए लगभग 900 करोड़ रुपये की राशि राष्ट्रीय सैटकॉम मॉनिटरिंग सुविधा स्थापित करने के लिए निर्धारित की है। आज उपग्रह संचार बाजार करीब चार अरब डॉलर का है और यह 2033 तक तीन गुना बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में भारत दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल रूप से सक्षम ताकत बनने जा रहा है। भारत आज केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि उत्पाद निर्माता देश बन चुका है। उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत आज लगभग 91 हजार करोड़ रुपये का नया उत्पादन हुआ है, 18 हजार करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है और 30 हजार नए रोजगार सृजित हुए हैं। कार्यक्रम में रिलायंस जियो के अध्यक्ष आकाश अंबानी ने कहा, आईएमसी में दिखाई गई तकनीकें जैसे सेमीकंडक्टर्स, फ्रॉड मैनेजमेंट टूल और आने वाली 6जी तकनीक भारत की प्रगति को दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी नवाचार में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और भारत को डिजिटल क्रांति में आगे रखना उसकी प्राथमिकता है। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक एसपी कोचर ने बताया, भारत का तकनीकी भविष्य सक्षम हाथों में है और देश डिजिटल क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। भारत की डिजिटल गति को बनाए रखने के लिए एक संतुलित इकोसिस्टम जरूरी है, जिसमें न केवल कंपनियों बल्कि स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा दिया जाए। स्टारलिंक के इंडिया मार्केट एक्सेस डायरेक्टर पर्निल उर्ध्वरेशे ने कहा, कंपनी भारत में उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला ब्रॉडबैंड देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि कंपनी जल्द ही यह सेवा शुरू करने का प्रयास करेगी। सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय हैं। भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने कहा, यूटेलसैट वनवेब जल्द ही अपनी सेवाओं की शुरुआत के लिए तैयार है, बशर्ते उसे सरकार से मंजूरी मिल जाए। यूटेलसैट वनवेब एक वैश्विक उपग्रह इंटरनेट सेवा प्रदाता है, जो उपग्रह तकनीक के जरिए दुनिया के दूर-दराज के इलाकों में उच्च गति वाला इंटरनेट उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को केवल निर्माण तक सीमित नहीं रखा बल्कि डाटा स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
