नई दिल्ली। राजेंद्र कुमार तिवारी
गरीब सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण देने वाला बिल मंगलवार को लोकसभा से पास हो चुका है। अब बुधवार को राज्यसभा किया गया। दोपहर 12 बजे राज्यसभा में इस बिल को केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने पेश किया। हालांकि कुछ देर बाद ही हंगामा शुरू हो गया और सदन दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। अब दो बजे इस बिल पर राज्यसभा में चर्चा होनी है। बताया जा रहा है चर्चा आठ घंटे तक चलेगी।
राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस, टीएमसी समेत तमाम विपक्षी दलों ने सत्र बढ़ाने के फैसले पर सवाल उठाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्र बढ़ाने को लेकर विपक्ष से कोई चर्चा नहीं की। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि जिस तरह विपक्ष की मंजूरी के बिना सरकार ने सत्र को बढ़ाने का फैसला किया, वह गलत है। इस पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि काफी महत्वपूर्ण बिल होने की वजह से सत्र को बढ़ाया गया। हालांकि सदन की कार्यवाही को बढ़ाने को लेकर आज राज्यसभा में खूब हंगामा हुआ। बिल पेश होने के कुछ देर बाद ही हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद संदन दो बजे तक के लिए स्थगित हो गया। अब दोपहर 2 बजे सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 फीसद आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा होगी। गौरतलब है कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को शिक्षा और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए सरकार संविधान में संशोधन करने जा रही है। बिल को राज्यसभा में मंजूरी के लिए उपस्थित सदस्यों में से दो-तिहाई का समर्थन जरूरी है। बता दें इस विधेयक को लेकर राज्यसभा की कार्यवाही को एक दिन के लिए बढ़ाया गया है।
