दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी उत्तराखंड को बनाएं: मोदी

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देहरादून, गौरव जोशी। देहरादून में आयोजित उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यदि उत्तराखंड ठान ले तो वो विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बन सकता है। उन्होंने कहा कि हर जिले में उसके स्थानीय मेले को प्रमुखता दी जानी चाहिए। हरेला, फूलदेई, नंदा देवी का मेला, जौलजीवी मेला, बागेश्वर का उत्तरायणी मेला, देवीधुरा मेला,श्रावणी मेला और बटर फेस्टिवल का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें उत्ताराखंड की आत्मा बसती है। इन मेलों को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर लाने के लिए एक जिला एक मेला जैसा अभियान चलाया जाए।
पहाड़ी टोपी, गुलाबी वेस्टकोट पहने मोदी जब दोपहर करीब एक बजे मुख्य पांडाल में पहुंचे तो पूरा वातावरण मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा। समारोह में राज्य के विकास से जुड़ी करीब 8200 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। समारेाह में प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए महत्वपूर्ण मंत्र भी दिए। प्रधानमंत्री ने गढ़वाली में सभी का अभिवादन और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए उन्होंने लोगों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी। प्रधानमंत्री ने अपने 29 मिनट के भाषण में राज्य के लोगों के साथ अपने लगाव, राज्य की अब तक की विकास यात्रा की तारीफ करते हुए भविष्य का रोडमैप भी बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विकास की अपार संभावनाए हैं। देवभूमि उत्तराखंड भारत के आध्यात्मिक जीवन की धड़कन है। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, जागेश्वर, आदि कैलास ऐसे अनगिनत तीर्थ हमारी आस्था के प्रतीक हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इन पवित्र धामों की यात्रा पर आते हैं। उनकी यात्रा भक्ति का मार्ग खोलती है। साथ ही उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरती है। उत्तराखंड विश्व की स्प्रिचुअल कैपिटल ऑफ वर्ल्ड बन सकता। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को ओंकारेश्वर मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। उन्होंने कहा कि राज्य के मंदिर, आश्रम, ध्यान और योग के सेंटर ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ सकते हैं। देश विदेश से लोग यहां वेलनेस के लिए आते हैं। यहां की जड़ी बूटियां और आयुर्वेदिक औषधियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। अब समय है कि हर विधानसभा क्षेत्र में योग केंद्र, आयुर्वेद केंद्र नेचुरोपैथी संस्थान, होम स्टे जैसा कंप्लीट पैकेज बनाया जा सकता है। हमारे विदेशी टूरिस्ट को बहुत अपील करेगा। पांच से सात आलीशान वेडिंग डेस्टिनेशन बनाएं: मोदी ने कहा कि राज्य में इको और एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी बहुत संभावना है। युवाओं के लिए यह आकर्षण का केंद्र बन सकता है। उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी लोकप्रिय हो रहा है। मैंने तो अभियान ही शुरू किया हुआ है- वेड इन इंडिया। वेड इन इंडिया के लिए उत्तराखंड को अपने यहां पांच सात बड़़ी डेस्टिनेशन चुनकर आलीशन स्तर की सुविधाएं विकसित करनी चाहिएं।

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