मालदीव को पांच हजार करोड़ की ऋण सहायता देगा भारत: मोदी

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नई दिल्ली, देव कुमार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालदीव के विकास और समृद्धि के प्रति भारत की वचनबद्धता प्रकट करते हुए उसे लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की ऋण सहायता देने का निर्णय लिया है।
मालदीव की यात्रा पर गए मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में मालदीव के लोगों को स्वतंत्रता के 60 वर्षों की ऐतिहासिक वर्षगांठ पर भारत की ओर से शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारत मालदीव के विकास और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी विकास साझेदारी को नई उड़ान देने के लिए हमने मालदीव के लिए लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट यानी ऋण सहायता देने का नर्णिय लिया है। उन्होंने कहा कि यह सहायता मालदीव के लोगों की प्राथमिकताओं के अनुरूप यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल में लाई जाएगी। मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए तय किया गया है कि दोनों देश द्विपक्षीय निवेश संधि को भी अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते पर भी बातचीत शुरू हो गयी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय मुद्रा प्रणाली और रुपए में सीधा व्यापार शुरू करने की दिशा में भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से मालदीव में यूपीआई को बढावा मिल रहा है इससे पर्यटन को बढावा मिलेगा। मालदीव को भारत का सबसे करीबी पड़ोसी बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत को मालदीव का सबसे भरोसेमंद मत्रि होने पर भी गर्व है।
मोदी ने कहा कि संकट के समय भारत ने हमेशा मालदीव का सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की बात हो, या कोविड के बाद अर्थव्यवस्था को संभालना, भारत ने हमेशा साथ मिलकर काम किया है। भारत के सहयोग से बनाये गए चार हज़ार सोशल हाउसिंग यूनट्सि, अब मालदीव में कई परिवारों के लिए नयी शुरुआत बनेंगे। नया आशियाना होंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेटर माले संपर्क प्रोजेक्ट, अड्डू सड़क विकास परियोजना और पुनर्विकसित किए जा रहे हनिमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यह पूरा क्षेत्र एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट और आर्थिक केंद्र बनकर उभरेगा। रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को आपसी वश्विास का परिचायक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की बल्डिगिं, जिसका आज उद्घाटन किया जा रहा है, यह वश्विास की कंक्रीट इमारत है। हमारी मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मालदीव के साथ मित्रता को अटूट बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी मित्रता हमेशा बरकरार रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारी साझेदारी अब मौसम वज्ञिान में भी होगी, मौसम चाहे जैसा हो हमारी मत्रिता हमेशा ‘ब्राइट’ और ‘क्लियर’ रहेगी। उन्होंने कहा कि मालदीव की रक्षा क्षमताओं के विकास में भारत निरंतर सहयोग देता रहेगा। उन्होंने कहा कि हन्दि महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि दोनों देशों का साझा लक्ष्य है। मोदी ने कहा कि कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन में दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनायेंगे। जलवायु परिवर्तन को दोनों देशों की साझा चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता को मालदीव के साथ साझा करेगा।

 

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