लखनऊ, राजेंद्र तिवारी
यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार की अलसुबह घने कोहरे ने कहर ढाया। बलदेव थाना क्षेत्र में दृश्यता शून्य होने के कारण 14 वाहन आपस में टकरा गए। हादसा इतना भीषण था कि टकराने के बाद वाहनों से आग की तेज लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते नौ वाहन जलकर राख हो गए, जबकि पांच क्षतिग्रस्त हो गए। जिलाधिकारी मथुरा सीपी सिंह ने 13 लोगों के मरने और इनमें से चार लोगों की पहचान की पुष्टि की है। लोथड़ों में तब्दील हुए अन्य मृतकों की पहचान के प्रयास जारी हैं। लगभग सौ घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हादसे की जांच अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार को सौंपी गई है।
भीषण हादसा सुबह सवा चार बजे आगरा से नोएडा की ओर माइल स्टोन 127 पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घने कोहरे के चलते सबसे आगे चल रहे एक वाहन का संतुलन डिवाइडर से टकराने के कारण बिगड़ गया और फिर पीछे आ रहे वाहन एक के बाद टकराते चले गए। फिर वाहनों से आग की लपटें उठने लगीं। चीख-पुकार के साथ अफरातफरी मच गई और यात्री जान बचाने के लिए इधर-उधर कूद-फांदकर भागने लगे। आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है वाहनों में आग क्यों लगी? हालांकि प्रारंभिक तौर पर किसी वाहन में लगी सीएनजी किट को इसका कारण माना जा रहा है।
सूचना लगते ही मौके पर पहुंची तीन जिलों की दमकलों ने जब तक आग पर काबू पाया, तब तक 14 वाहन इसकी चपेट में चुके थे। एक रोडवेज बस, सात निजी बस और एक कार जलकर पूरी तरह राख हो गईं। चार निजी बसें औऱ एक कार क्षतिग्रस्त हुई हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ ही बिहार, अरुणाचल प्रदेश की ओर से दिल्ली जा रही इन बसों में पांच सौ से अधिक यात्री सवार थे। ठंडी अलसुबह होने के कारण बसों में सो रहे यात्रियों को बमुश्किल बचने का मौका मिला। आधिकारिक तौर पर 13 लोगों के मरने की पुष्टि अब तक हो सकी है लेकिन पहचान चार लोगों की हो सकी है। लगभग सौ घायलों को मथुरा के जिला अस्पताल के साथ ही आसपास की सीएचसी और पीएचसी में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। चार घायल आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजे गए, जहां उनकी हालत खतरे के बाहर है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पीड़ितों को सहायता की घोषणा की गई है। पीएमओ के एक्स पर पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई दुर्घटना में जानमाल की हानि अत्यंत पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं अपनों को खोने वाले परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। पीएमएनआरएफ की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों का समुचित इलाज कराया जाए। सीएमओ की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता दिये जाने के निर्देश दिए हैं। रोडवेज के आरएम ने कहा कि रोडवेज की बस के मृतकों के परिजनों को 7.5-7.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
