लखनऊ, राजेंद्र तिवारी
अवैध कफ सिरप मामले में शुक्रवार को गुजरात से झारखंड तक छापेमारी हुई। इस दौरान करोड़ों की संपत्ति का खुलासा भी हुआ।
ईडी की लखनऊ जोन टीम ने कफ सिरप प्रकरण में शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने उत्तर प्रदेश, झारखंड और गुजरात में एक साथ 25 ठिकानों पर छापे मारे। रांची में मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल की कम्पनी शैली ट्रेडर्स के दफ्तर से 189 फर्जी फर्मो के दस्तावेज मिले। इन फर्मों से सिरप की अवैध सप्लाई के जरिए करीब 450 करोड़ रुपये के टर्नओवर के साक्ष्य मिले है। हालांकि इस कारोबार को 2000 करोड़ से अधिक का आंका जा रहा है। वाराणसी में शुभम की कोठी से राडो समेत कई विदेशी लग्जरी ब्राण्ड की घड़ियां व पर्स, लेडीज बैग समेत कई कीमती चीजें मिली। इनकी कीमत डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है। साथ ही यहां करोड़ों रुपये के फर्नीचर व अन्य साज सज्जा का सामान मिली। लखनऊ में पूर्व सांसद के करीबी यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की कोठी के अंदर की साज सज्जा देखकर ईडी के अफसर हैरान रह गए। इस कोठी की कीमत पांच करोड़ रुपये आंकी गई। इसमें जमीन की कीमत शामिल नहीं है। इसके अंदर मिले लग्जरी सामान की कीमत का पता लगाया जा रहा है। आलोक सिंह के घर के अलावा अन्य आरोपी अमिट टाटा, विशाल समेत चार अन्य स्थानों पर छापेमारी हुई। इनमें दवा कम्पनी ईडहिका लाइफ साइंसेज के एलडीए कालोनी और ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कार्यालयों, सरोजनीनगर के कैलाश विहार कालोनी में प्रसाद जायसवाल और अर्चना मनोहर जायसवाल के घरों में ईडी ने तलाशी ली। सभी स्थानों पर ईडी की कार्रवाई जारी है। यह कार्रवाई शनिवार दोपहर तक चलने का दावा किया जा रहा है। जौनपुर में अमित टाटा के घर, सहारनपुर में मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, सीए विष्णु अग्रवाल के घर, एबॉट कम्पनी के दफ्तर समेत कई फर्मों के कार्यालय के अलावा अहमदाबाद में दो बड़ी दवा कम्पनियों के कार्यालयों में भी कार्रवाई की। अहमदाबाद में दवा कम्पनी आर्पिक फार्मा प्रा. लि. के कार्यालय से भी अवैध सप्लाई करने के दस्तावेज मिले। इस कम्पनी के संचालक की ही दूसरी कम्पनी इडहिका लाइफ साइसेंस से भी करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है। आर्पिक कम्पनी के निदेशक मनोहर जायसवाल के घर भी कई घंटे तक कार्रवाई की गई। इस कम्पनी का सरोजनीनगर में भी कार्यालय है। यहां भी टीम ने तलाशी ली। गौरतलब है कि एसटीएफ की जांच के बाद इस मामले में लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में कफ सिरप की तस्करी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें डेढ़ महीने पहले विभोर राणा और विशाल की गिरफ्तारी के बाद करोड़ों रुपये की सिरप तस्करी का पूरा नेटवर्क सामने आया था। पूर्व सांसद के करीबियों का नाम सामने आने के बाद ही मामले ने तूल पकड़ लिया था। इसके बाद ही एसटीएफ ने कार्रवाई तेज करते हुए अमित टाटा, आलोक सिंह को गिरफ्तार किया तो करीब 2000 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ। इसके बाद ही ईडी ने इसमें सभी आरोपियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। ईडी पांच दिन से शुभम जायसवाल, आलोक सिंह, अमित टाटा, विभोर राणा, विशाला राणा समेत 20 से अधिक आरोपियों के नाम से बनी 80 से अधिक फर्मो का पूरा ब्योरा जुटा रही थी। इस दौरान ईडी ने दुबई में छिपे शुभम जायसवाल के वाराणसी स्थित घर पर आठ दिसम्बर को पेश होने का नोटिस भी चस्पा किया था। आरोपियों की सम्पत्ति का ब्योरा मिलते ही ईडी ने शुक्रवार को कार्रवाई की।
