नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला के पास सोमवार को हुए धमाके की जांच में जुटीं एजेंसियों को संकेत मिला है कि विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया है। वहीं पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि धमाके में इस्तेमाल हुंडई आई-20 कार पुलवामा का चिकित्सक डॉ.उमर उन नबी चला रहा था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने धमाके की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है।
पुलिस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और विस्फोटक अधिनियम की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस कार में धमाका हुआ उसको चलाने वाले ने मास्क पहना था। कार चला रहे डॉक्टर की तस्वीर घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी में कैद हुई है। दावा किया जा रहा कि डॉक्टर उमर का संबंध फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ये भी पता चला है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया है। विस्फोट की जांच से जुड़े जानकारों के अनुसार अमोनियम नाइट्रेट में फ्यूल ऑयल मिलने से ये एक घातक विस्फोटक बन गया था। इसलिए यह धमाका हाई इंटेंसिटी का था जिसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। एनआईए की टीम अब धमाके में शामिल संदिग्धों के नेटवर्क का पता लगाने और साजिश रचने वाले आरोपियों की धर-पकड़ की कार्रवाई करेगी। जांच एजेंसियों के मुताबिक अलग-अलग इलाकों से जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अबतक करीब 13 लोगों को शक के दायरे में रखते हुए इनसे पूछताछ भी की गई है। वहीं जांच में जुटी एजेंसियां अब यह पता कर रही हैं कि डेटोनेटर किस रूप में था? वह घड़ी के रूप में था या फिर कोई रिमोट था? या फिर किसी और तरीके का था? क्योंकि घटनास्थल में इतनी तेज धमाका हुआ कि आसपास सबकुछ पूरी तरह से नष्ट हो गया और सबूत टुकड़े-टुकड़े हो गए। इसलिए घटना की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है कि कौन सा फ्यूल ऑयल इस्तेमाल किया गया था और डेटोनेटर कौन सा था। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम यह पता करने का प्रयास कर रही है कि इस धमाके में किन-किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है। बहरहाल फॉरेंसिक टीम ने मौके से कुछ साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा वारदात के समय घटनास्थल से ऑपरेट किए गए मोबाइल फोन के डंप डेटा को भी खंगाल रही है। फएसएल और एनआईए टीम ने मंगलवार सुबह घटना स्थल का दोबारा दौरा किया और साक्ष्य जुटाए है। एनआईए दिल्ली पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों को कब्जे में लेने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सकती है। वहीं जिस तारिक के जरिए धमाके में इस्तेमाल कार डॉ. उमर ने ली थी, उसे सोमवार रात पुलिस ने पुलवामा के संबूरा से हिरासत में लिया है। चूंकि इस डील में आमिर नाम के एक व्यक्ति का नाम भी आया है। लिहाजा जम्मू-कश्मीर पुलिस आमिर से भी पूछताछ कर रही है। इसके अलावा संदिग्ध डॉ. उमर के पिता और भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। धमाके में इस्तेमाल कार को लेकर जो एक अन्य वीडियो पुलिस के हाथ लगा है उसमें तीन लोग कार से उतरने नजर आए हैं। इन तीनों की पहचान की कोशिश की जा रही है। कयास है कि कहीं ये भी तो साजिश का हिस्सा तो नहीं थे? वहीं संदिग्ध जिस टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े हुए थे उसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने में भी जांच एजेंसियां जुटी हैं। जांच एजेसियों ने फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के पकड़े गए संदिग्धों के साथी डॉक्टरों से पूछताछ की है। पूछताछ की इस कार्रवाई में दिल्ली पुलिस फरीदाबाद पुलिस की मदद ले रही है। पुलिस की करीब दर्जन भर टीमों को अलग-अलग पहलुओं की जांच में लगाया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अबतक जांच में जो कुछ सामने आया है उससे ये संदेह गहरा रहा है कि धमाके का संबंध फरीदाबाद के उस आतंकी मॉड्यूल से है। फरीदाबाद मॉड्यूल में जम्मू- कश्मीर पुलिस ने डॉ. उमर मोहम्मद नाम के भी एक चिकित्सक को गिरफ्तार किया है।
