केवि 39 जीटीसी में दिखी अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति की झलक

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वाराणसी, राजेंद्र तिवारी । पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय 39 जीटीसी में सोमवार को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और कला उत्सव के तहत संकुल स्तरीय दो दिवसीय प्रतियोगिता का शानदार शुभारंभ हुआ। केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली के निर्देश पर आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना है।

केवि 39 जीटीसी में दिखी अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति की झलक

साथ ही विद्यार्थियों को देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना है। इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम अरुणाचल प्रदेश पर आधारित है। इसके तहत प्रतिभागियों ने पूर्वोत्तर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विभिन्न कला रूपों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
केवि 39 जीटीसी में दो दिवसीय कला उत्सव प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्राचार्य, यूपी कॉलेज, और केवि 39 जीटीसी के प्राचार्य डॉ. चंद्रभूषण प्रकाश वर्मा ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. चंद्रभूषण प्रकाश वर्मा ने कहा, कला उत्सव न केवल विद्यार्थियों की रचनात्मकता को प्रदर्शित करने का एक मंच है, बल्कि यह हमें भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता को समझने का अवसर भी प्रदान करता है। अरुणाचल प्रदेश, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, इस वर्ष की थीम के रूप में चुना गया है।

केवि 39 जीटीसी में दिखी अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति की झलक

यह आयोजन विद्यार्थियों को इस राज्य की अनूठी परंपराओं, कला और संस्कृति से परिचित कराने का एक प्रयास है।उन्होंने आगे बताया कि अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति में विविध जनजातियों जैसे आदि, निशि, अपातानी, और मॉन्पा की परंपराएं शामिल हैं, जो अपने अनूठे नृत्य, संगीत, हस्तशिल्प और वेशभूषा के लिए प्रसिद्ध हैं।
इस अवसर पर विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों जैसे केवि चोपन, केवि गाजीपुर, केवि बलिया, केवि एएफएस गोरखपुर, केवि वीएलडब्ल्यू, और केवि बीएचयू द्वितीय पाली की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन विद्यालयों के प्रतिभागी विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश की कला, संस्कृति, नृत्य, संगीत और वेशभूषा की मनमोहक झलक प्रस्तुत की।

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